ट्विटर ने वापस लौटाया उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का ब्लू टिक, लेकिन कई आरएसएस नेताओं का ब्लू टिक हटा, सरकार ने जताया विरोध

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का निजी ट्विटर अकाउंट एक बार फिर वैरिफाई हो गया है। अपनी गलती स्वीकार करते हुए भारत के उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू का अकाउंट दोबारा वेरिफाइड कर दिया है। वहीं खबरों के मुताबिक उपराष्ट्रपति समेत आरएसएस से जुड़े कई नेताओं के अकाउंट से ब्लू टिक हटने से सरकार नाराज है और ऐसा कहा जा रहा है कि सरकार ट्विटर के खिलाफ एक्शन ले सकती है।

सरकार की ओर से साफ तौर पर कहा गया था कि उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है। संविधानिक पद पर बैठे व्यक्ति किसी पार्टी का हिस्सा नहीं होते। इसलिए सरकार ट्विटर की इस हरकत को संवैधानिक अनादर की नजर से देखती है।

वहीं आईटी मंत्रालय की ओर से आज ट्विटर को नोटिस भेजा जाएगा जिसमें पूछा जाएगा कि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक को बिना जानकारी बताए कैसे हटा दिया गया।

इसके अलावा बीजेपी नेता सुरेश नाखुआ ने सवाल उठाया था, ‘ट्विटर ने उपराष्ट्रपति के अकाउंट से ब्लू टिक क्यों हटाया? उन्होने कहा कि यह भारत के संविधान पर हमला है।’

वहीं इस पर ट्विटर की ओर से सफाई दी गई। ब्लू टिक हटने पर ट्विटर इंडिया का कहना था कि लंबे वक्त से अकाउंट लॉग इन नहीं होने के कारण ऐसा हुआ था।

हालांकि ट्विटर इंडिया ने सिर्फ उपराष्ट्रपति के अकाउंट के साथ ऐसा नहीं किया आरएसएस के कई नेताओं कुष्ण कुमार, अरुण कुमार के साथ भैयाजी जोशी, सुरेश सोनी के ट्विटर अकाउंट भी अनवेरिफाइड कर दिए गए हैं। इन पर भी आपत्ति जताई गई थी।

ये भी बताते चलें कि ट्विटर और भारत सरकार के बीच पहले से ही ठनी हुई है। खासकर जब ट्विटर ने बीजेपी के कई नेताओं के ट्वीट को मोडिफाइड का टैग दे दिया था। जिसके बाद इसपर काफी बवाल मचा था। अब ट्विटर की ओर से की गई कार्रवाई ये दर्शाता है कि आगे मामला आसानी से निपटने वाला नहीं है।

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