अनियंत्रित एम्बुलेंस पानी से भरे माइनर में गिरी, बाल-बाल बचे डॉक्टर-ड्राइवर

एम्बुलेंस

आजमगढ़: राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर  में 108 एम्बुलेंस एक मरीज को छोड़कर वापस आते समय बीती रात करीब 11 बजे एक नीलगाय को बचाने के चक्कर में खुटवा चकखुटवा गांव के समीप ठेकमा राजवाह के मुख्य मार्ग पर एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर शारदा सहायक खंड-23 के माइन में जा गिरी। तो वहीं ग्रामीणों ने कड़ी मश्क्कत के बाद डॉक्टर और ड्राइवर को बचा लिया।

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एम्बुलेंस के पानी में गिरते ही चालक के शोर मचाने पर आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे। किसी तरह से ग्रामीणों ने एम्बुलेंस से चालक और डाक्टर को बाहर निकाला।

मेंहनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एम्बुलेंस 108  पर तैनात डॉ. अभिषेक सिंह को क्षेत्र के ग्राम डीहा निवासी सन्तोष कुमार ने 108 पर अपने को बीमार होने की सूचना दी। सूचना पर  डॉ. अभिषेक सिंह एम्बुलेंस 108 के चालक राजेश यादव निवासी दौलताबाद जहानागंज, आजमगढ़ के साथ मरीज को लेने डीहा गांव पहुंचे। मरीज की हालत सही नहीं पाये जाने पर एम्बुलेंस से उन्हे राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर में ले गये। जहां पर वह मरीज को भर्ती कराये, कागजी औपचारिकता पूरी होने के बाद डाक्टर और एम्बुलेंस चालक वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर लौंट रहे थे।

देर रात करीब 11 बजे एम्बुलेंस शारदा सहायक खण्ड- 23 ठेकमा राजवाहा के मुख्य मार्ग पर खुटवा चकखुटवा गांव के समीप पहुंची तो सामने आचानक एक नीलगाय आ गयी। चालक नीलगाय को बचाने के चक्कर में एम्बुलेंस से अपना नियंत्रण खो दिया और एम्बुलेंस पानी से लबालब भरें माइनर में चली गयी। जिसके बाद चालक ने बचाने के लिए शोर मचाने लगा।

देर रात शोर की आवाज सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने एम्बुंलेंस के माइनर में चले जाने की सूचना ग्रामीणों को दी। जिसके बाद कोहरे और ठंड के बीच ग्रामीणों ने माइनर में घुसकर डाक्टर और चालक को बाहर निकाला। मंगलवार की सुबह एम्बुलेंस को जेसीबी की मदद से माइनर से बाहर निकाला गया।

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