उन्नाव कांड : पीड़ित परिवार को किया गया नजरबंद, छावनी में तब्दील किया गया गांव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद में असोहा थाना क्षेत्र के गांव बबुरहा में एक खेत मे मिले बुआ और भतीजी के शव मिलने के मामले को डीजीपी ने गम्भीरता से लिया है। एडीजी स्तर के अधिकारियों को घटनास्थल भेजकर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।

उन्नाव

डीजीपी एचसी अवस्थी के निर्देश के बाद लखनऊ जोन के एडीजी एसएन साबत, आईजी लखनऊ लक्ष्मी सिंह मौके के लिये रवाना हुई। ये है पूरा मामला असोहा के बबुरहा गांव में देरशाम को दलित बुआ भतीजी और चचेरी बहन बेहोशी की हालत में खेत पर मिली। सभी के गले मे दुपट्टा कसा हुआ मिला। सीएचसी में इलाज के दौरान बुआ भतीजी को मृत घोषित कर दिया जबकि चचेरी बहन को कानपुर रेफर कर दिया। मृतक लड़कियों के नाम काजल और कोमल बताये जा रहे है। जबकि पुलिस ने इस मामले में दो लोगों हिरासत में लिया है।

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पैनल से होगा पोस्टमार्टम, फोर्स तैनात

एसपी ने बताया की दोनों लड़कियों के शवों का पोस्टमार्टम चार डॉक्टरों की पैनल की टीम करेगी। स्टेट हेल्थ की टीम भी घटना को लेकर अलर्ट है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। समूचे गांव को छावनी में तब्दील है। चार सीओ, 9 इंस्पेक्टर, क्राइम ब्रांच में तैनात 3 इंस्पेक्टर, 19 दरोगा, 70 मुख्य आरक्षी, अतिरिक्त 30 सिपाही को तैनात किया गया ।

स्थानीय लोगों का धरना, परिवार नजरबन्द

संदिग्ध बुआ भतीजी को मौत के मामले में स्थानीय के लोगों का धरना दिया गया है। धरने भारी संख्या में गांव के लोग बैठे है। रात से ही पुलिस परिवार को थाने में बैठाए रखा है । पीड़ित परिवार को नजरबन्द कर दिया गया है। मीडिया से मिलने पर रोक लगा दी है। सियासत गरमाई उन्नाव की इस घटना को लेकर सियासत भी गरमा गई है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। ट्वीट के माध्य्म से नेताओ ने इस घटना को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए है।

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