उन्नाव : हिरासत में पिटाई से युवक की मौत मामले में पुलिस की एक और किरकिरी

यूपी के उन्नाव में पुलिस की पिटाई से 17 वर्षीय सब्जी विक्रेता फैसल की मौत के बाद पुलिस की मनमानी का सवाल एक बार फिर सामने आ गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में युवक के शरीर पर चोट के 14 निशान होने की बात सामने आई है। फैसल की मौत की वजह सिर में लगी चोट को वजह बताया गया है। इस मामले में एक होमगार्ड के जवान और दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ है। इसमें से होमगार्ड को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन दोनों पुलिसकर्मी फरार चल रहे हैं। इन पुलिसकर्मियों के फरार होने से पुलिस का कामकाज सवालों के घेरे में आ गया है।

इतना ही नहीं, इस मामले में पुलिस का एक और कदम किरकिरी की वजह बन गया है। जिस प्रभारी निरीक्षक की मौजूदगी में युवक फैसल की पिटाई से मौत होने का आरोप है, उसी को पूरे मामले की जांच सौंप दी गई है। इस पर स्थानीय नेताओं ने सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की जांच मजिस्ट्रेट से कराने की मांग रखी है।

वहीं, परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग उठाई है। फिलहाल प्रशासन ने दो लाख रुपये मुआवजे का चेक दिया है और दोषियों को जल्द सलाखों के पीछे भेजने की बात दोहराई है। लेकिन इस पूरे मामले ने एक बार फिर प्रदेश की पुलिस का कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में ला दिया है।

पूरी घटना क्या थी?

शुक्रवार शाम उन्नाव जिले के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भटपुरी इलाके में 17 वर्षीय किशोर फैसल अपने घर के बाहर सब्जी बेच रहा था। तभी कस्बा चौकी पुलिस के सिपाही विजय चौधरी और सीमावत के साथ होमगार्ड जवान सत्य प्रकाश ने उसे पकड़ लिया। उन्होंने कोरोना कर्फ्यू के उल्लंघन का आरोप लगाकर उसकी पिटाई की और उसे थाने पकड़ ले गए। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों ने थाने भी उसकी पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई।

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