बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के भाई ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद से इस्तीफा दिया

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त हुए बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के भाई अरुण द्विवेदी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) वर्ग से नियुक्ति पाने वाले अरुण द्विवेदी ने अपने इस्तीफे के पीछे निजी कारण बताया है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय ने भी उनके इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

अरुण द्विवेदी ने एक प्रेस विज्ञाप्ति के माध्यम से स्पष्टीकरण भी जारी किया है। इसमें उन्होंने बताया है कि विश्वविद्यालय में उनकी नियुक्ति उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर हुई है, जिसे उनके बड़े भाई बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी से जोड़ा जाना गलत है। अरुण द्विवेदी ने कहा, ‘दुर्भाग्य से मेरे कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद मेरे बड़े भाई बेसिक शिक्षा मंत्री सतीष द्विवेदी को इस नियुक्ति से जोड़कर मीडिया और सोशल मीडिया में उन पर निर्रथक, निराधार और अपमानजनक आरोप लगाकर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से मेरे कारण मेरे ईमानदार, कर्मठ और स्वस्छ छवि वाले भाई पर कोई बेबुनियाद आरोप लगे.’ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) वर्ग से नियुक्ति पाने के सवालों पर अरुण द्विवेदी ने सफाई दी है कि उन्होंने 2019 में अपनी आर्थिक स्थिति के आधार पर आवेदन किया था।

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कुलपति ने सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसमें कुलपति प्रोफेसर सुरेंद्र दुबे ने बताया कि बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के भाई अरुण द्विवेदी की ईडब्ल्यूएस कोटा से विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति हुई है और नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी थी और साक्षात्कार की वीडियोग्राफी कराई गई थी। इसमें यह भी कहा गया है कि अरुण की ओर से पेश किया गया ईडब्ल्यूएस का प्रमाण पत्र प्रशासन ने जारी किया था। हालांकि, इस मामले को लेकर विपक्ष हमलावर है और सरकार से मामले पर सफाई मांग रहा है।

सवाल उठ रहा है कि आय प्रमाण पत्र सिर्फ एक साल के लिए मान्य होता है, तब उसके आधार पर 2021 में नियुक्ति कैसे दी गई? विश्वविद्यालय प्रशासन ने भले ही इस्तीफा स्वीकार कर लिया हो, लेकिन उसे यह बताना चाहिए कि किस समय के जारी हुए आय प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति दी गई और अगर पुराने आय प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति दी गई थी तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?

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