UP Election 2022 : सभी नेताओं को अचानक याद आने लगे रामलला, अयोध्या में बढ़ा राजनैतिक दलों का आना-जाना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने की शुरुआत होने के बाद से अकस्मात राजनीतिक चेहरों के वहां पहुंचने में वृद्धि हुईं। ये वृद्धि निरंतर जारी है और इधर बसपा, आप, कांग्रेस के बड़े चेहरे अयोध्या पहुंचकर अपने आस्थावान होने का प्रमाण देने में जुटे हैं।

अयोध्या

बीते वर्ष 2020 से अभी तक में अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण कार्य होता देखकर उत्तर प्रदेश की हिंदू जनता का उत्साह बढ़ा है। इसे देखते हुए राजनीतिक दलों ने लोगों की जनभावना के अनुरूप अयोध्या में रामलला विराजमान और हनुमान गढ़ी के दर्शन किए ।

लम्बे समय से भाजपा के राम मंदिर के मुद्दे पर लड़ाई लड़ते वक्त दूसरे राजनीतिक दलों ने कभी खुले मंच पर या फिर अपने कार्यक्रमों में मंदिर का नाम नहीं लिया। इसके विपरीत बीते एक वर्ष से राजनीतिक दलों के चेहरों का अयोध्या आना-जाना और राम नाम के नारे लगाने का सिलसिला चल रहा है।

पिछले वर्ष कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी नदी यात्रा निकालने के दौरान अयोध्या गयी थी और उन्होंने वहां पर हनुमान गढ़ी में दर्शन किया था। वर्ष 2021 में बहुजन समाज पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने अयोध्या दर्शन किया और इसके बाद पार्टी के नेताओं ने बसपा अध्यक्ष मायावती की मौजूदगी में जय सियाराम का नारा भी दिया।

आम आदमी पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश के प्रभारी राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गत दिनों दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के साथ में अयोध्या जाकर दर्शन पूजन किया और इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल ने अपने उत्तर प्रदेश के कार्यक्रम में अयोध्या दर्शन किया। केजरीवाल ने अपनी सरकार की ओर से अयोध्या की निशुल्क यात्रा की बात भी किया।

समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडेय ने अयोध्या में मंदिर निर्माण से संबंधित जमीन की खरीद की बात उठायी थी। इसके बाद पूरे प्रकरण को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में मीडिया के सामने भी रखा। इसके पीछे भी भव्य राम मंदिर के पीछे लोगों की आस्था का जुड़ा होना और उसको समाजवादी पार्टी की ओर आकर्षित करना ही सामने आया।

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— सन् 1989 में राजीव गांधी गये थे अयोध्या

पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेतृत्व कहे जाने वाले राजीव गांधी ने सन् 1989 में हनुमान गढ़ी दर्शन कर के चुनाव की शुरुआत की थी। राजीव गांधी ने उस वक्त रामराज्य की बात की थी और इसका उनके ही पार्टी के नेताओं ने विरोध किया था।

— अयोध्या यात्रा को बताया जा रहा राजनीतिक यात्रा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने पिछले कुछ दिनों में विभिन्न मंचों पर राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं की अयोध्या यात्रा को राजनीतिक यात्रा बताया है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों का कहना है कि पहले जो लोग रामलला का नाम लेने से घबराते थे, वो आजकल अयोध्या में मंडराने लगे हैं।

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