यूपी के मंत्री का ऐलान, क्षेत्रीय लोक कलाओं को संरक्षित करने के लिए जल्द बनेगी संस्कृति नीति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के संस्कृति मंत्री डाॅ. नीलकंठ तिवारी ने बुधवार को यहां बताया कि राज्य सरकार शीघ्र ही संस्कृति एवं क्षेत्रीय लोक कलाओं को संरक्षित एवं विकसित करने के लिए संस्कृति नीति बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृति नीति में युवाओं एवं सभी वर्ग के कलाकारों को जोड़ा जायेगा।

संस्कृति नीति

संस्कृति मंत्री डाॅ. तिवारी आज राजधानी के गोमती नगर स्थित पर्यटन भवन में विभाग के सभी अकादमियों व संस्थानों के विकास हेतु विचार-विमर्श के लिए उनके अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्यगणों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी संस्कृति नीति तैयार की जायेगी जो युवाओं को आकर्षित करने में कामयाब होगी। उसमें क्षेत्रीय लोक कलाओं, विधाओं एवं सभी अच्छे तत्वों का संकलन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बनवासी एवं जनजातियों की लोक कलाओं को भी संस्कृति नीति में शामिल किया जायेगा।

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डाॅ. तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार क्षेत्रीय संस्कृति एवं लोक कलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सभी जनपदों में महोत्सव आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार कर रही है। महोत्सव में सभी क्षेत्रीय कलाओं का प्रदर्शन कराने का सरकार द्वारा प्रयास किया जायेगा ताकि क्षेत्रीय लोग अपनी कला से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में कला एवं प्रतिभाओं को निखारने व संवारने के लिए कार्यशाला भी आयोजित होंगे। गांवों में भजन, रामकथा तथा कृष्ण कथा कहने वाली मंडलियों को प्रशिक्षण देने पर विचार किया जायेगा। मंत्री ने कहा कि सभी जनपदों में सर्वे कराकर बिरहा, भजन, संगीत कला, शास्त्रीय संगीत, ड्रामा तथा अन्य कलाओं को संरक्षित एवं संवर्धन करने का कार्य किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए महिला कलाकारों को भी प्रोत्साहित किया जायेगा। मंत्री ने संस्कृति नीति को लेकर सभी अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों से 20 दिन के अन्दर उनके सुझाव भी मांगे हैं। बैठक में प्रमुख सचिव संस्कृति मुकेश मेश्राम, संयुक्त निदेशक डाॅ0 वाईपी सिंह तथा अन्य सम्बंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।

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