उप्र: प्रधानमंत्री आवास योजना में घोटाला, दो BDO निलंबित, CDO के खिलाफ जांच शुरु

प्रधानमंत्री आवास योजना

हमीरपुर: मौदहा ब्लाक के छिमौली गांव में प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना के तहत 21 अपात्र लाभार्थियों के खाते से लाखों रुपये की धनराशि आहरित कर गबन करने के मामले में शासन ने दो बीडीओ और तत्कालीन सीडीओ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस प्रधानमंत्री आवास योजना में घोटाले में दो बीडीओ निलंबित किये गये हैं वहीं सेवानिवृत्त सीडीओ के खिलाफ जांच के आदेश दिये गये हैं। उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव के आदेश गुरुवार को यहां आते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

मौदहा क्षेत्र के छिमौली गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना में अधिकारियों की मिलीभगत से बड़ा घोटाला किया गया है। वर्ष 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना के तहत 21 अपात्र लाभार्थियों के खाते से ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, कम्प्यूटर आपरेटर की मिलीभगत से लाखों रुपये की धनराशि आहरित कर हड़पी गयी थी। तत्कालीन बीडीओ मौदहा विजय शंकर शुक्ला व प्रभारी बीडीओ रत्नेश सिंह के समय ये घोटाला किया गया है। बीडीओ विजय शंकर शुक्ला इस समय हमीरपुर जिले के गोहांड में बीडीओ है जबकि रत्नेश सिंह जिला ग्राम विकास प्रशिक्षण संस्थान मौदहा में जिला प्रशिक्षण अधिकारी के पद पर तैनात है।

इस पूरे मामले की शुरुआती जांच में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को पहले ही निलम्बित किया जा चुका है जबकि कम्प्यूटर आपरेटर के खिलाफ कार्रवाई करते हुये उसकी सेवायें भी समाप्त कर दी गयी है। प्रधानमंत्री आवास योजना में हुये लाखों रुपये के घोटाले को लेकर मौदहा कोतवाली में भी एफआईआर दर्ज करायी जा चुकी है। जिसमें छिमौली गांव के प्रधान की भी घोटाले में नामजदगी है। इधर इस पूरे मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बुधवार को शाम इस प्रकरण में गोहांड के बीडीओ विजय शंकर शुक्ला व जिला प्रशिक्षण अधिकारी रत्नेश सिंह को निलम्बित कर दिया है। इन दोनों अधिकारियों को आयुक्त ग्राम विकास उत्तर प्रदेश लखनऊ से सम्बद्ध किया गया है।

इसके अलावा हमीरपुर के तत्कालीन सीडीओ आरके सिंह के खिलाफ जांच के आदेश दिये गये है। इसके लिये संयुक्त विकास आयुक्त चित्रकूट धाम बांदा मंडल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। सीडीओ आरके सिंह सेवानिवृत्त हो चुके है इसलिये इनके खिलाफ अलग से आरोप पत्र तैयार होंगे। बता दे कि प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना के तहत छिमौली ग्राम पंचायत में 21 फर्जी लाभार्थियों के खाते से बहुत बड़ी धनराशि ठिकाने लगायी गयी है। मामला उजागर होने के बाद 23.60 लाख रुपये की धनराशि की वसूली भी करायी जा चुकी है।

सीएम योगी ने लाला लाजपत राय को दी श्रद्धांजलि, बोले- राष्ट्र हमेशा उनका रहेगा ऋणी

Related Articles

Back to top button
E-Paper