उषा विद्यार्थी की भाजपा में हुई घर वापसी

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक उषा विद्यार्थी की बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में घर वापसी हो गई है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बेतिया के सांसद डॉ. संजय जायसवाल और मंत्री नीरज कुमार बबलू की उपस्थिति में बुधवार को यहां जल्दबाजी में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में श्रीमती विद्यार्थी ने पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। इसके बाद श्रीमती विद्यार्थी को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई गई। उनकी भाजपा में घर वापसी हुई है। गत विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से नाराज होकर उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के टिकट से पालीगंज से चुनाव मैदान में उतरी थी । इसी को लेकर भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
भाजपा की छवि पर दाग लगाने वाले नेता अब प्रदेश नेतृत्व को अच्छे लगने लगे हैं। जिन नेताओं ने भाजपा की छवि चुनाव के समय धूमिल की और इस वजह से नेतृत्व ने उन्हें छह सालों के लिए निष्कासित किया था उनके लिए दरवाजे अब खोल दिये गये हैं। भाजपा नेतृत्व छवि धूमिल करने वाले नेताओं को अब पाक साफ करार दे रहा है। पिछले 12 अक्टूबर 2020 में बिहार भाजपा अध्यक्ष ने जिन नौ नेताओं को पार्टी की छवि धूमिल करने के आरोप में दल से निष्कासित किया था उनमें से दो को फिर से शामिल करा लिया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जायसवाल ने 12 अक्टूबर 2020 को पार्टी के नौ नेताओं को छह वर्षों के लिए निष्कासित किया था। प्रदेश अध्यक्ष के पत्र में कहा गया था कि ऐसे सभी नेता राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे राजग के साथ-साथ पार्टी की छवि भी धूमिल हो रही है। यह पार्टी अनुशासन के विरुद्ध कार्य है। ऐसे में रोहतास के राजेंद्र सिंह और रामेश्वर चौरसिया, पटना ग्रामीण की डॉ. उषा विद्यार्थी, झाझा के रवींद्र यादव, भोजपुर की श्वेता सिंह, जहानाबाद के इंदु कश्यप, पटना ग्रामीण के अनिल कुमार, मृणाल शेखर और जमुई के अजय प्रताप को छह वर्षों के लिए निष्कासित किया जाता है।
भाजपा प्रदेश नेतृत्व अब 12 अक्टूवर 2020 के उस पत्र को भूल गई है। नेतृत्व अब वैसे जिन्होंने दल के दामन पर दाग लगाया था उनकी घर वापसी कराने में जुटा है। सबसे पहले लोजपा के टिकट से दिनारा से चुनाव लड़े राजेन्द्र सिंह को अध्यक्ष डॉ. जायसवाल ने घर वापसी कराई। उन्होंने श्री सिंह को अपने संसदीय क्षेत्र बेतिया में बुलाकर दल में शामिल कराया। इसके बाद पालीगंज की पूर्व विधायक डॉ. उषा विद्यार्थी को 26 जनवरी को प्रदेश कार्यालय में अध्यक्ष ने पार्टी में शामिल कराया। प्रदेश नेतृत्व ने 12 अक्टूवर 2020 में जिन नौ नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया था उनमें से दो की वापसी तो अब हो गई। देखना होगा कि शेष बचे नेताओं को भाजपा में कब शामिल कराया जाता है।

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