संपादकीय : फिर भी लापरवाही से बचना होगा

कोरोना को लेकर अच्छी खबर है कि उसकी या कहें उसका फैलाव अब थोड़ा कम पड़ गया है। पूरे देश भर में अनलॉक की प्रक्रिया जारी है  और उसी के तहत प्रदेश में अब कल से सिनेमा हाल और 19 अक्टूबर से स्कूल कालेज खोलने का निर्णय लिया है। हालांकि कुछ प्रतिबंधों के साथ सिनेमा हाल और मन्टीप्लेक्स को खोलने की अनुमति मिल गई है, लेकिन अधिक सिनेमा हाल शुक्रवार से खोले जाएंगे क्योंकि फिल्म रिलीज का यही दिन निर्धारित है।

सिनेमा हाल लाकडाउन के चलते पूरी तरह से अब तक बंद पड़े थे। कोरोना की सबसे बड़ी मार सिनेमा जगत और उसमें भी सिनेमा होलों पर पड़ी है। इससे जुड़े लाखों लोग आज भुखमरी के कगार पर है। मुंबई से लेकर लगभग हर प्रदेशों में शूटिंग का काम आज भी लगभग ठप सा ही है। कुछ गिने चुने सीरियलों की शूटिंग शुरू हो चुकी है।

फिल्मों में काम करने वाले आज भी अपने घरों पर ही बैठे हैं, लेकिन सिनेमा हाल खुलने से दर्शकों में एक उत्साह जरूर होगा, क्योंकि एक बार फिर लंबे समय के बाद वे अपने पसंदीदा हीरो-हिरोइन को बड़े परदे पर देख पायेंगे। हांलांकि सिनेमा घर चलाने वाले अब भी संशय में है कि लोग घर से निकल कर सिनेमाहाल आएंगे भी या नहीं। फिलहाल उन्हें 50 प्रतिशत दर्शक बैठाने की ही अनुमति मिली है वह भी हर सीट की दूरी के साथ।

दो सौ व्यक्ति ही एक सिनेमा हाल में जा सकेंगे। हर शो के बाद सेनिटाइजेशन करना जरूरी होगा। फिलहाल दर्शकों और सिनेमा हाल मालिक बेहद खुश है क्योंकि छह महीने बाद उनके द्वार खुशी लौटी है। इससे मुंबई फिल्म उद्योग को भी फायदा मिलने वाला है।

कोरोना के कारण बंद पड़े स्कूलों को लेकर अभिभावकों में अब भी असमंजस बरकरार है। अभिभावक डरे हुए हैं। फिर भी स्कूल कालेज 19 से खुल जाएंगे कई बड़ी शर्तों के साथ। बच्चों का मामला है इसलिए उन्हें ज्यादा अहतियात बरतना पड़ेगा। यहां भी 50 प्रतिशत बच्चे बुलाने का आदेश है और सिर्फ तीन घंटों का ही स्कूल होगा।

कई स्कूल दो शिफ्ट में भी चलने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन इस वक्त सबसे अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। कई बाहर के देशों में जहां कोरोना लगभग समाप्ति पर था, लेकिन स्कूल-कालेज खुलते ही वहां फिर पैर पसार लिए। इसलिए सरकार को भी इस पर ज्यादा अहतियात बरतने की जरूरत है। इस वक्त प्रदेश में कोरोना की गति थोड़ी कम हुई है।

यहां रिकवरी रेट भी बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है, लेकिन फिर भी बचाव और उपचार के प्रबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करना ही होगा। इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार बैठक कर निर्देश जारी भी कर रहे हैं। अच्छे प्रबंधन के कारण ही प्रदेश में 4 लाख से ज्यादा लोग अब तक कोरोना को मात दे चुके हैं। प्रदेश के अस्पतालों में भी सुविधाओं में बढ़ोत्तरी हुई है।

फिर भी ऐसे में हमें सबसे अधिक सतर्कता की जरूरत है। आज हैंड वाश डे है। आज लाखों बच्चों और लोगों ने अपने हाथ धोए हैं, लेकिन यह एक दिन की प्रक्रिया नहीं है। हर रोज हाथ धोने हैं। समय-समय पर हाथ धोने हैं। शायद ऐसे संस्कार हमारे पूर्वज हमें दे गए थे, लेकिन आधुनिकता में हम अपनी संस्कृति और पहचान भूल गए वरना हैंड वाश डे जैसे दिन की जरूरत नहीं पड़ती।

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