क्‍या होता है पितृदोष? इन तरीकों से आप खुद कर सकते हैं पहचान, करें ये उपाय

कई बार लोगों के जीवन में एक के बाद एक परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। बहुत उपाय करने के बाद भी लोगों को इन परेशानियों से छुटकारा नहीं मिल पाता। एक समय ऐसा भी आता है जब व्‍यक्ति को ये परेशानियां दैवीय प्रकोप के कम नहीं लगती। ऐसे में उस व्‍यक्ति को अपनी कुंडली में पितृदोष के बारे में जरूर जानना चाहिए। क्‍या होता है पितृदोष? और कैसे आपको इसके बारे में होगी जानकारी? आइए जानते हैं इसके बारे में…

क्‍या होता है पितृदोष?

क्‍या होता है पितृदोष?

अगर किसी की कुंडली में सूर्य ग्रह बुरे ग्रहों के साथ स्थित है या फिर सूर्य पर बुरे ग्रहों की दृष्टि पड़ती है तो ऐसे दोष को ही पितृदोष कहा जाता है। इसके साथ ही यदि कुंडली के नौवें घर या इस घर के स्‍वामी को बुरे ग्रहों से दोष लगता है तो वह भी पितृदोष कहा जाता है।

ज्‍यातिषियों के मुताबिक, अगर किसी व्‍यक्ति के घर में बात-बात पर झगड़े होते हैं, परिजनों से मनमुटाव रहता है, व्‍यक्ति को मानसिक तनाव बना रहता है, तो यह उसके पितरों की नाराजगी का नतीजा हो सकता है। इसके साथ ही यदि किसी व्‍यक्ति की कुंडली में पितृ दोष है तो उन्हें आसानी से संतान सुख नसीब नहीं होगा। ऐसे व्‍यक्ति के जीवन में संतान होने में कई तरह की समस्याएं बनी रहती हैं, और अगर संतान हो भी जाती है तो वह ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाती।

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वहीं यदि कोई व्‍यक्ति कितनी ही मेहनत क्‍यों न कर ले लेकिन वह हमेशा आर्थिक परेशानियों से जूझता रहता है, अगर कहीं से धन आता भी है तो वह रुक नहीं पाता। ऐसे लोगों की कुंडली में भी पितृदोष होता है। इसके साथ ही जिन व्‍यक्तियों की कुंडली में पितृदोष होता है, उनके परिवार में उनके बच्चों की शादी में काफी परेशानियां आती हैं। खासकर कन्या की शादी या तो देर से होती है, या फिर उन्‍हें कन्‍या के मुताबिक मनचाहा वर नहीं मिल पाता।

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इसके साथ ही पितृदोष की स्थिति में यह भी देखा गया है कि इस तरह के परिवार में किसी न किसी सदस्य को लंबे समय तक बीमारी झेलनी पड़ती है।

इन उपायों से समाप्‍त होता है पितृदोष

ज्‍या‍तिषियों के मुताबिक, यदि किसी व्‍यक्ति की कुंडली में पितृदोष है तो उस व्‍यक्ति को अमावस्या के दिन पीपल का पौधा लगाना चाहिए, लेकिन यह जरूर ध्‍यान रखें कि उस पौधे को कहीं से उखाड़कर न लगाएं, खरीदकर लाएं फिर उसे लगाएं और पौधे की सेवा करें। दरअसल पीपल के पेड़ को कलयुग में भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। इस कारण यह पौधा जैसे-जैसे बड़ा होगा, ठीक वैसे ही आपकी समस्याओं का अंत भी होने लगेगा।

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इसके साथ ही उस व्‍यक्ति को अपने घर की दक्षिण दिशा की दीवार पर अपने पूर्वजों की तस्‍वीर लगानी चाहिए। साथ ही घर से बाहर जाने से पहले उनका आशीर्वाद जरूर लेना चाहिए। ऐसा करने से धीरे-धीरे पितरों की कृपा आप पर होने लगेगी।

वहीं ऐसे व्‍यक्तियों को अपने घर के पास के पीपल के वृक्ष पर दोपहर में जल अर्पण करना चाहिए। इसके साथ ही पुष्प, अक्षत, दूध, गंगाजल और काले तिल भी अर्पित करें। इसके बाद पीपल के वृक्ष से अपनी भूल की क्षमा मांगे और आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करें।

कुंडली में पितृदोष वाले व्‍यक्ति को 21 सोमवार तक सुबह स्‍नान करके किसी शिव मंदिर में जाकर 21 फूल, दही और बेल पत्र शिवलिंग पर चढ़ाने चाहिए। माना जाता है कि 21 सोमवार तक ऐसा करने से किसी भी व्‍यक्ति की कुंडली से पितृदोष का असर समाप्त हो जाता है।

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