पांच साल में यूपी को बनाएंगे देश की नम्बर एक अर्थव्यवस्था: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले तक निवेश के नाम पर बाहर के लोग उत्तर प्रदेश का नाम सुनते ही हंसने लगते थे, हमने पिछले साढ़े चार सालों में उत्तर प्रदेश को लेकर बनी नकारात्मक धारणा को तोड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि 2016 में उत्तर प्रदेश देश में अर्थव्यवस्था के मामले में छठें स्थान पर था, लेकिन 2017 के बाद से यहां की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है, 2020 में यह देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बड़ी ढांचागत परियोजनाओं व पारदर्शी निवेश प्रणाली के दम पर अगले पांच सालों में हम उत्तर प्रदेश को देश की नम्बर एक अर्थव्यवस्था बनाएंगे।

सीएम योगी ने रविवार को गोरखपुर में 130 करोड़ रुपये लागत वाली 21 परियोजनाओं का शिलान्यास व 32 करोड़ रुपये की लागत वाली 50 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। लोकार्पण व शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पूर्व यूपी में व्यापारियों, उद्योगपतियों के अपहरण, उद्योग लगने से पहले ही चौथ वसूली, व्यापारियों की हत्या जैसी स्थिति में क्या कोई निवेश करता, आज उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरे देश मे सबसे अच्छी है, अपराधी या तो प्रदेश छोड़ चुके हैं या जेलों में हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, उद्योगपतियों को सुरक्षा के माहौल के साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम के जरिये नौकरशाही के मकड़जाल से मुक्ति मिली तो प्रदेश को न केवल 4.50 लाख करोड़ का निवेश मिला, बल्कि इसके जरिए 1.5 करोड़ लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी मिले।

सीएम योगी ने कहा कि 2016 तक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग देश मे 16वीं थी, इसमें जबरदस्त सुधार हुआ तो यह रैंकिंग अब नम्बर दो पर है, पूर्ण विश्वास है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की नई रैंकिंग में यूपी पहले स्थान पर आएगा।

गोरखपुर में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नए भारत के नए उत्तर प्रदेश नया गोरखपुर आपके सामने है, याद करें 25 साल पहले के गोरखपुर को। लोग यहां के नाम से डरते थे, अजीब धारणा बनाते थे। उन्होंने कहा कि यह नकारात्मक छवि तोड़कर हम इसे इस स्थिति में लाए हैं कि लोग अब गोरखपुर को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि इसी साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों गोरखपुर के एम्स का उद्घाटन कराया जाएगा। सीएम ने कहा कि 2017 के पहले तक गोरखपुर व बस्ती मंडल में चिकित्सा के एकमात्र बड़े केंद्र बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं नहीं थीं, जुलाई से अक्टूबर के बीच हर माह सैकड़ों बच्चे इंसेफेलाइटिस से काल कवलित हो जाते थे, कोई पूछने वाला नहीं था, लेकिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज कोरोनाकाल में बेहतर सुविधा वाले चिकित्सा केंद्र के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर बस्ती मंडल में कभी एक मेडिकल कॉलेज था, आज देवरिया, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेज बन रहा है, बस्ती में क्रियाशील है।

Related Articles

Back to top button
E-Paper