ब्लैक और व्हाइट के बाद अब यूपी में दिखा येलो फंगस, जानें क्या है लक्षण

ब्लैक और व्हाइट फंगस के बहुत से मामले सामने आने के बाद अब येलो फंगस ने चिताएं बढ़ा दी हैं। येलो फंगस का यह मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से सामने आया है। गाजियाबाद के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर बीपी त्यागी का दावा है कि ब्लैक और व्हाइट फंगस के मुकाबले येलो फंगस कहीं ज्यादा खतरनाक है।

येलो फंगस एक घातक बीमारी है क्योंकि यह आंतरिक रूप से शुरू होता है। सुस्ती, कम भूख लगना, या बिल्कुल भी भूख न लगना और वजन कम होना येलो फंगस के शुरुआती लक्षण हैं। येलो फंगस के फैलने से मरीज़ का पाचन तंत्र बिगड़ सकता है। जैसे-जैसे यह बीमारी बढ़ती है, वैसे-वैसे अधिक गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं। इनमें मवाद का रिसाव और खुले घाव का धीमी गति से ठीक होना, या सभी घावों का धीमी गति से भरना जैसे लक्षण शामिल हैं। कुपोषण, ऑर्गन फेलियर और नेक्रोसिस के कारण धंसी हुई आंखें इस फंगस के अति गंभीर लक्षणों में गिने जाते हैं।

वहीं एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के अनुसार म्यूकोरमाइकोसिस सामान्य फंगस संक्रमणों में से एक है, जो कोविड-19 के स्वस्थ हो रहे या स्वस्थ हो चुके रोगियों में देखा जा रहा है। इसके दर्ज होने वाले मामलों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन यह संक्रामक रोग नहीं है। इसका अर्थ है कि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है, जैसे कोविड-19 फैलता है। उन्होंने कहा कि इसे म्यूकोरमाइकोसिस कहें, न कि ब्लैक फंगस संक्रमण।

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