वार्षिक राशिफल 2021: नए साल में किसकी कब चमकेगी किस्मत? जानें राशि का हाल

राशि

मेष राशि

मेष राशि वालों इस वर्ष आपको अपने में संयम से लाभ होगा। अपने अधिकारों के दुरूपयोग को ना करें। अपने रिश्तेदारों से क्लेश एवं शरीर के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 22 मार्च को राहु, मेष और केतु, तुला में आकर भयदायक है तथा बड़े भाई के लिए विवाद जैसी स्थिति बना सकते हैं। अप्रैल में मित्र या परिवार से धन हानि धन के अपव्यय से बचें। मई में पराक्रम से धन का लाभ होगा। सम्मान का ध्यान दें। व्यापार में लाभ होगा। जून में माता की जमीन से विवाद से बचें। बाकी धन वृद्धि होगी। जुलाई में वाहन कष्ट योग है। अगस्त में संतान कष्ट सोंचकर निर्णय लें। सितंबर में कर्ज से मुक्ति होगी तथा शत्रु कष्ट होंगे। शत्रु पराजित होंगे। अक्टूबर में व्यापार में लाभ, नवंबर में स्त्री एवं पार्टनर के समन्वयय में कमी होगी। दिसंबर में लाभ के योग हैं। रूके धन की प्राप्ति होगी।

उपाय- गणेश जी का ध्यान तथा ऊं गं गणपतये नम: का जाप करें तथा गणेपति पाठ करें। रोज एक अध्याय पास में अनार की जड़ को लाल कपड़े में सिलकर दाहिने हाथ में धारण करें तथा गऊ को पालक 5 बुधवार खिलायें।

वृष राशि –

इस वर्ष पत्नी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें तथा 22 मार्च को राहु, मेष व केतु के तुला में आने पर न्यायालय से संबंधित सफलता देगा। अप्रैल में सिर या चेहरे के भाग में कष्ट से बचें। व्यय का ध्यान रखें। मानसिक शांति मिलेगी। मई में पारिवारिक क्लेश तथा धन के फसाव से बचे। जून में धन की स्थिति अच्छी होगी। मान सम्मान का ध्यान रखें। जल संबंधी व्यापार में लाभ होगा। जुलाई में छोटे भाई के सहयोग से लाभ होगा। कानूनी समस्या यात्रा आदि से लाभ होगा। अगस्त में वाहन का ध्यान रखें। मान सम्मान में कमी तथा माता की तरफ से सुख एवं धन लाभ होगा। सितंबर में संतान से कष्ट एवं कर्ज को ना लें। शत्रु से बचें। अक्टूबर में रिस्क न लें तथा शत्रु से विजय मिलने के योग हैं। नवंबर में व्यापार से लाभ तथा मुकदमे में सफलता के योग है। दिसंबर में स्त्री विवाद से बचें तथा खानपान का ध्यान रखें। पत्नी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

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उपाय- सूर्य का पूजन गायत्री मंत्र तथा (आदित्य हृदय स्त्रोत) का पाठ रविवार को करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें। बेल की जड़ को रविवार को दाहिने हाथ में बांधकर सूर्य को प्रात: जल दें।

मिथुन राशि –

शनि की ढैय्या का प्रकोप आप की राशि में रहेगा। आर्थिक तथा मानसिक कष्ट इस वर्ष अधिक है। 22 मार्च को राहु केतु का परिवर्तन पारिवारिक कष्ट देगा। ध्यान रखे अप्रैल में व्यर्थ के खर्च से बचें तथा तथा नए कार्यों को करने का अच्छा समय है। शासन सत्ता से लाभ मिलेगा। मई में स्वास्थ्य का ध्यान तथा रूके कार्यों के होने से मानसिक शांति मिलेगी। जून में मित्र तथा परिवार में धन हानि से बचें। जुलाई में चंचलता से नुकसान मान सम्मान का ध्यान दें। अगस्त में धन कमाने का अच्छा समय तथा व्यापार से लाभ यात्रा से सुख होगा। सितंबर में विवाद, मान-सम्मान का ध्यान रखें। अक्टूबर में शत्रु से भय भूमि मकान से लाभ। नवंबर में रिस्क न लें। शत्रु से जीतने के योग हैं। दिसंबर में व्यापार लाभ तथा स्थान परिवर्तन से सुख एवं धन लाभ होगा।

उपाय- शनिवार को सायंकाल शनि चालीसा का पाठ पीपल के नीचे सात शनिवार तेल का दीपक जलाकर समी की लकड़ी काले कपड़े में शनिवार को धारण करें। बिस्तर में फिटकरी रखें, अपने पास में जायफल पीले कपड़े में रखें।

कर्क राशि –

इस वर्ष कर्क राशि में नौकरी व्यापार में लाभ होगा। आकस्मिक लाभ के योग हैं। लेकिन कलह विवाद का विशेष ध्यान रखें। अप्रैल महीने में धातु के व्यापार से लाभ। रूके हुए कार्य बनेंगे। सत्ता के निर्णय में कष्ट मिलेगा। मई में धन के संग्रह के लिए अच्छा समय है। जून में कर्ज से मुक्ति तथा मानसिक सुख की प्राप्ति होगी। जुलाई में धन के अपव्यय से बचें। अगस्त में अपने लोगों से मित्रों से कष्ट होगा। सितंबर में छोटे भाई से सहयोग तथा अपनी हुनर का प्रयोग करने में सफलता होगी। अक्टूबर में आर्थिक दृष्टि से तो अच्छा समय होगा। लेकिन मान सम्मान का ध्यान रखें। नवंबर में शत्रुओं का डर एवं स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कर्ज से बचें। दिसंबर में शेयर बाजार से बचें तथा शत्रु परास्त होंगे।

उपाय- शिव जी का ध्यान, ऊं नम: शिवाय का जाप करें। पांच सोमवार शिव मंदिर में दूध चढ़ाएं तथा मदार की जड़ को सफेद कपड़े में सोमवार को दाहिने हाथ में धारण करें। लाल चंदन व जल को मष्तक पर मंगल से 40 दिन लगाएं।

सिंह राशि –

इस वर्ष जोखिम न लें तथा लोगों से विवाद से दूर रहें। पिछले साल से इस वर्ष में आपको राहत मिलेगी। सुख तथा सम्मान में वृद्धि होगी। अप्रैल मास मेें शासन सत्ता का लाभ तथा पिता से सहयोग मिलेगा। मई में नए व्यापार तथा नौकरी में सफलता तथा सत्ता के निर्णय से कष्ट हो सकता है। जून में व्यर्थ के खर्च से बचें तथा धन का रोकना अच्छा है। जुलाई में कर्ज को लौटान में लाभ होगा तथा मानसिक तनाव में कमीं होगी। अगस्त में मान सम्मान को खतरा होगा तथा पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा ना करें। सितंबर में व्यापार में लाभ तथा स्वजनों से मान सम्मान को खतरा रहेगा। अक्टूबर में वाणी का संयम रखें। मित्र से धोखा तथा नौकरी में वृद्धि योग हैं। नवंबर में हर प्रकार से उत्तम यश कीर्ति की वृद्धि होगी। दिसंबर में वाहन तथा जमीन का लाभ होगा। शत्रु से भय की स्थिति रहेगी।

उपाय- हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा सिद्धि कुंजिका स्त्रोत का शुक्रवार को पाठ करें। बेल की जड़ को लाल कपड़े में रविवार को दाहिने हाथ में धारण करें।

कन्या राशि –

इस वर्ष आपका किया हुआ पुरूषार्थ अच्छा फल देगा। मान सम्मान में वृद्धि के योग हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मुकदमें में सफलता होगी। अप्रैल में धन लाभ हेागा। लेकिन पेट से संबंधी बीमारी का ध्यान रखें। मई में शासन सत्ता तथा पिता से सुख एवं यात्रा से धन का लाभ मिलेगा। जून में कोई शुभ समाचार मिलेगा। नौकरी के बदलने से लाभ होगा। जुलाई में धन वृद्धि तथा योजनाओं पर कार्य करने का उत्तम समय है। अगस्त में किसी अचानक खर्चों के आने से मन में तनाव होगा। सितंबर में भ्रमण तथा यात्रा का अच्छा समय है। अक्टूबर में अपने चेहरे के रोगों से बचें तथा अपने स्वजनों से पीड़ा के योग हैं। नवंबर में वाणी के दुरूपयोग से संकट तथा मित्र या परिवार से आर्थिक हानि होगी। दिसंबर में आर्थिक दृष्टि से अच्छा समय होगा। यात्रा ना करें तथा कानूनी परेशानी का ध्यान रखें।

उपाय- सायंकाल ऊं के केतवाय नम: का जाप करें। तुलसी की जड़ को हरे कपड़े में बुधवार को दाहिने हाथ में धारण करें। सूर्य को प्रात: जल दें।

तुला राशि –

इस वर्ष आपकी राशि में शनि की ढैय्या का प्रकोप रहेगा। जो विभिन्न प्रकार की समस्याओं के उत्पन्न होने का सूचक है। जमीन जायदाद से संबंधित परेशानी हो सकती है। अप्रैल माह में वाद विवाद अदालती कार्यों में धन के नुकसान से बचें। मई में पेट के रोग का ध्यान रखें। धन का लाभ होगा। जून में पिता से लाभ तथा स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जुलाई में व्यापार में नौकरी तथा सफलता। अगस्त में आयवृद्धि तथा नए कार्यों के करने का उपयुक्त समय। धन वृद्धि होगी। अगस्त में मानसिक सुख शांति मिलेगी। सितंबर में स्वास्थ्य में सुधार तथा अचानक खर्च होगा। अक्टूबर में सिर दर्द तथा नेत्र विकार का ध्यान रखें। नई योजनाओं को लाभ मिलेगा। नवंबर में शरीर को रोग का भय तथा मित्र एवं स्वजनों से कष्ट होगा। दिसंबर में संयम द्वारा लाभ होगा। मान सम्मान का ध्यान रखें।

उपाय- ऊं नमो भगवते वासुदेवाय: नम: का जाप करें तथा गुरूवार को राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। सफेद चंदन व जल नाभि में लगाएं। शुक्रवार से 40 दिन लगाएं। मिश्री का सेवन शुकव्रार से 40 दिन तक करें।

वृश्चिक राशि –

वृश्चिक राशि वालों को इस वर्ष भ्रमण तथा चल कर कार्यों के करने से लाभ होगा। अधिक व्यय से बचें। अप्रैल मास में पत्नी के स्वास्थ्य का ध्यान दें तथा शत्रु पराजित होंगे। मई में विवाद या मुकदमे में धन का अपव्यय होगा। स्थान परिवर्तन लाभकारी होगा। जून में धन लाभ तो होगा, लेकिन अपने मान सम्मान का ध्यान रखें। जुलाई में पिता से लाभ तथा कमाई के योग हैं। यात्रा से लाभ होगा। अगस्त में शासन सत्ता का लाभ होगा तथा व्यापार एवं नौकरी में वृद्धि होगी। सितंबर में आमदनी में वृद्धि तथा योजनाओं पर कार्य का अच्छा समय है। रूका धन मिलेगा। अक्टूबर में महत्वाकांक्षी योजनाओं में अपार सफलता होगी तथा स्वास्थ्य में सुधार होगा। नवंबर में कर्ज न लें। कार्यों में सफलता मिलेगी। दिसंबर में सिर दर्द तथा चेहरे में रोग से बचें। स्वजनों से भय तथा किसी कार्य के होने से मन खुश होगा।

उपाय- सायंकाल ऊं रां राहवे नम: का जाप करें। लठजीरा की जड़ को काले कपड़े में बुधवार को दाहिने हाथ में धारण करें। कंबल का दान बुधवार को करें। हनुमान जी को पांच मंगल प्रसाद चढ़ाएं।

धनु राशि – 

आप की शनि की साढ़ेसाती का पूरे वर्ष कष्ट रहेगा। अनावश्यक भ्रमण तथा व्यय से बचें। पत्नी से मन मुटाव की स्थिति रहेगी। अप्रैल में शत्रु से लाभ तथा माता के लिए अच्छा है। मई में शत्रु पर विजय तथा पत्नी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जून में मुकदमे से बुरा समाचार तथा शारीरिक कष्ट होगा। जुलाई में रक्त विकार से बचें। पिता तथा यात्रा का लाभ होगा। अगस्त में पिता से लाभ तथा राज्य स्तर पर धन सम्मान की प्राप्ति होगी। सितंबर में रूके पैसे के प्राप्त होने से मन खुश होगा। धन लाभ से कई योजनाएं फलीभूत होंगी। अक्टूबर में आत्मबल में वृद्धि तथा किसी के सहयोग से कार्यों का होना होगा। नवंबर में महत्वाकांक्षी योजनाओं में अपार सफलता मिलेगी। दिसंबर में शरीर में रोग तथा खर्च होगा। व्यर्थ के व्यय से बचें।

उपाय- सुंदरकांड का पाठ मंगलवार को करें एवं हनुमान चालीसा दिन में तथा सायंकाल व शनिवार को शनि चालीसा का पाठ करें।

मकर राशि-

आपको शनि साढ़ेसाती का कष्ट वर्ष पर्यन्त बना रहेगा। मानसिक दबाव तथा शारीरिक कष्ट के अलावा धन हानि जैसी स्थिति बनी रहेगी। अप्रैल मास में वाणी का ध्यान, मान सम्मान को खतरा तथा व्यापार में लाभ होगा। मई में धन लाभ, मन अस्वस्थ्य लेकिन माता पक्ष से लाभ मिलेगा। जून में स्त्री को कष्ट तथा शत्रु नष्ट होंगे। निर्णयों में जल्दबाजी न करें। जुलाई में ज्ञानेद्रियों में कष्ट। अदालती कार्यों में व्यय होगा। अगस्त में उदर विकार मान सम्मान का ध्यान रखें। सितंबर में यात्रा में पिता को काष्ट होगा। नौकरी तथा व्यापार में अच्छा नहीं है। अक्टूबर में वाहन चलाते समय ध्यान रखें। व्यापार में सफलता होगी। नवंबर में शासन सत्ता का लाभ, रूका हुआ धन मिलेगा। दिसंबर में रूका हुआ धन प्राप्त होगा तथा मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। सर दर्द का ध्यान रखें।

उपाय- शनिस्त्रोत का पाठ शनिवार को सायंकाल करें। प्रात: हनुमान जी को 5 मंगल प्रसाद चढ़ाएं। सूर्य को प्रात: जल दें तथा 7 अनाज का दान शनिवार को जोशी को दें।

कुम्भ राशि –

कुम्भ पर पूरे वर्ष साढ़े साती का प्रकोप रहेगा। अपने प्रियजनों को कष्ट होगा। जोखिम न लें तथा लालच में ना फंसे। अप्रैल मास में मातृपक्ष की जमीन में विवाद तथा आर्थिक हानि के योग हैं तथा यात्रा से लाभ होगा। मई में विद्या क्ष़ेत्र में धन का व्यय, विवाद से बचें। व्यापार से लाभ के योग हैं। जून में हर तरफ से धन की प्राप्ति होगी। माता की तरफ से सुख एवं धन की प्राप्ति होगी। जुलाई में कर्ज व चिंता से मुक्ति तथा शत्रु पराजित होंगे। निर्णय सोच विचार कर लें। अगस्त में मुकदमे में हानि तथा स्वास्थ्य का ध्यान रखें। सितंबर में भाग्य साथ देगा लेकिन पेट की समस्या आ सकती है। अक्टूबर में भाई से विवाद तथा नए व्यापार का लाभ होगा। नवंबर में वाहन चलाते समय ध्यान रखें। रूके हुए कार्य बनेंगे। दिसंबर में अतिरिक्त कर्ज कदापि न लें। योजनाओं की सपफलता हेतु धन मिलेगा।

उपाय- हनुमान बाहुक का पाठ मंगलवार को करें। केले की जड़ को पीले कपड़े में गुरूवार को दाहिने हाथ में बांधे।

मीन राशि –

मीन राशि का यह वर्ष लाभ वर्धक है लेकिन सगे संबंधियों से मानसिक कष्ट मिलेगा। कलह से बचें तथा धन को भाउक होकर न दें। अप्रैल में व्यापार का लाभ यात्रा में सुख अनुभव होगा। मई में अचल के विवाद से बचें। आर्थिक आरोपों से बचें। जून में विद्या क्षेत्र में व्यय तथा मान सम्मान का ध्यान रखें। जुलाई में संतान को कष्ट होगा। मन अस्वस्थ रहेगा। अगस्त में कर्ज तथा चिंता से मुक्ति होगी। शत्रु पराजय होंगे। सितंबर में धन के अपव्यय से बचें। पवित्र स्थान पर जाने का सौभाग्य प्राप्त होगा। अक्टूबर में पत्नी तथा पार्टनर से मुकदमें में अच्छा नहीं है लेकिन भाग्य साथ देगा। नवंबर में भाई से विवाद से बचें। अलग जगह से धन का लाभ मिलेगा।

उपाय- दुर्गा सप्तनाम स्त्रोत का पाठ करें। आंवले की जड़ को पीले कपड़े में गुरूवार को धारण करें। हल्दी की गांठ को पीले कपड़े में सिलकर बिस्तर में रखें।

प्रेम चन्द्र मिश्रा

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