सिक्किम सुरंग हादसा: 12 श्रमिकों की मौत, दो इंजीनियर समेत 13 अब भी फंसे; बचाव अभियान जारी

प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से ली जानकारी, केंद्र ने हरसंभव सहायता का दिया भरोसा

सिलीगुड़ी। सिक्किम के नामची जिले के सामरदुंग क्षेत्र में एनएचपीसी की निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। सुरंग के भीतर अभी भी दो इंजीनियर सहित 13 लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान सुरंग का एक हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया, जिससे वहां मौजूद इंजीनियर और श्रमिक मलबे के भीतर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सिक्किम पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी राहत कार्य में शामिल हो गई। विशेषज्ञ एजेंसियों की सहायता से सुरंग के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।

बताया गया है कि सुरंग धंसने के बाद मिथेन गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे अंदर मौजूद कई श्रमिक दम घुटने और झुलसने का शिकार हो गए। गैस के प्रभाव से बचाव अभियान में जुटे कुछ राहतकर्मी भी बेहोश हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रशासन ने सभी 12 मृतकों की पहचान कर ली है। मृतकों में पंजाब के पठानकोट निवासी यशोपाल और उत्तराखंड के देहरादून निवासी विकी रावत भी शामिल हैं। शेष अधिकांश श्रमिक पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों के रहने वाले बताए गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है।

हादसे के बाद सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग मंगलवार सुबह घटनास्थल पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा मुख्यमंत्री से अभियान की प्रगति की जानकारी प्राप्त की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग से फोन पर बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने फंसे हुए श्रमिकों के शीघ्र सुरक्षित निकाले जाने की कामना करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने भी राज्य सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा की है।

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