नाथ नगरी शिवमय: सावन के पहले सोमवार पर  श्रद्धालुओं ने  किया जलाभिषेक | कांवड़ियों के स्वागत में शहरभर में लगा सेवा शिविर

बरेली। सावन के पहले सोमवार पर नाथ नगरी बरेली पूरी तरह शिवमय हो गई। सोमवार सुबह होते-होते शहर की सड़कों पर  कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। देर रात से ही भगवान शिव के प्राचीन मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। प्रशासन का अनुमान है कि जिले के विभिन्न शिवालयों में पहले सोमवार को करीब 15 लाख  श्रद्धालुओं जलाभिषेक किया।

कांवड़ यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने शहर के प्रमुख मार्गों पर सेवा शिविर लगाए गए थे।  शिविरों में कांवड़ियों के लिए भोजन, पेयजल, विश्राम, प्राथमिक उपचार तथा रात्रि विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई थी। शिविरों मैं कई स्थानों पर सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए , जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से की गई।

प्रशासन द्वारा महिला और पुरुष कांवड़ियों के लिए अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। प्रमुख मंदिरों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को जलाभिषेक में किसी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं डाक कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग मार्ग और प्राथमिकता के आधार पर दर्शन एवं जलाभिषेक की व्यवस्था  भी की गई ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सभी प्रमुख शिवालयों और कांवड़ मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी, ट्रैफिक पुलिस, सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक और मिशन शक्ति की टीमें तैनात की गई । शहरभर में सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार निगरानी भी की गई । यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया , ताकि कांवड़ियों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

नाथ नगरी के रूप में प्रसिद्ध बरेली के सातों प्रमुख नाथ मंदिरों—त्रिवटीनाथ, मढ़ीनाथ, वनखंडीनाथ, अलखनाथ, तपेश्वरनाथ, धोपेश्वरनाथ और पशुपतिनाथ—में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही । इसके अलावा फरीदपुर स्थित प्रसिद्ध पंचेश्वरनाथ मंदिर तथा आंवला क्षेत्र के गुलड़िया स्थित बाबा गौरीशंकर मंदिर में भी सुबह से ही जलाभिषेक के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।

शहर की हर गली और सड़क पर कांवड़िए गंगाजल लेकर बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए शिवालयों की ओर बढ़ते रहे। विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।  प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का पालन करने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी बरेली पहुंचकर कांवड़ यात्रा और मंदिरों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था जिसके चलते सभी विभाग अलर्ट मोड पर रहकर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटे रहे।

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