बरेली। पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत चिन्हित मामलों में प्रभावी पैरवी का एक और बड़ा परिणाम सामने आया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी एवं ऑपरेशन कन्विक्शन की नोडल अधिकारी अंशिका वर्मा की निगरानी तथा अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते वर्ष 2020 के चर्चित मासूम हत्याकांड में आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
अभियोजन के अनुसार थाना नवाबगंज क्षेत्र के ग्राम ईद जागीर मजरा हरिनगर की गौटिया निवासी वादी ने मुकदमा दर्ज कराया था कि 28 जुलाई 2020 को वह और उसकी पत्नी मजदूरी पर गए थे, जबकि घर पर उनकी 16 वर्षीय पुत्री और पांच वर्षीय पुत्र मौजूद थे। दोपहर में लौटने पर उनका पुत्र घर के पीछे झाड़ियों में गंभीर हालत में मिला, जिसे चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। बाद में पूछताछ में पुत्री ने स्वीकार किया कि उसका महेश पुत्र रामेश्वर दयाल से प्रेम संबंध था। घटना वाले दिन महेश घर आया था। इस दौरान मासूम बच्चे ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया और मां को बताने की बात कही। बदनामी के डर से महेश ने बच्चे का गला दबाकर हत्या कर दी तथा साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को छत से नीचे फेंक दिया।
इस मामले में थाना नवाबगंज पर मुकदमा अपराध संख्या 388/2020, धारा 302, 376 भारतीय दंड संहिता तथा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किए।
सोमवार को पॉक्सो-03 न्यायालय, ने आरोपी महेश पुत्र रामेश्वर दयाल को दोषी करार देते हुए धारा 302 में आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 4 पॉक्सो एक्ट में 10 वर्ष के कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 में पांच वर्ष के कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
इस मामले में सजा दिलाने में पुलिस अधीक्षक दक्षिणी एवं नोडल अधिकारी ऑपरेशन कन्विक्शन अंशिका वर्मा, विशेष लोक अभियोजक राजीव तिवारी, विवेचक निरीक्षक सुरेंद्र सिंह, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल राहुल तथा कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल सौरव चीमा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



