कसया, कुशीनगर। दिवंगत थाई राज माता का शोक संदेश लेकर कुशीनगर पहुंचे 175 सदस्यीय थाई नव भिक्षुओं ने तथागत बुद्ध की लेटी प्रतिमा का दर्शन पूजन कर चीवर चढ़ाया और शांति पाठ किया।
भारत की दस दिवसीय यात्रा पर आए 175 थाई नागरिकों ने बीते आठ अगस्त को दिवंगत थाई राज माता के शोक में बोध गया में भिक्षु बने और चीवर धारण किया। नौ अगस्त को बनारस, दस अगस्त को श्रावस्ती, 11 अगस्त को लुंबिनी के पश्चात गुरुवार को कुशीनगर पहुंचे नव भिक्षुओं ने मुख्य महा परिनिर्वाण मंदिर में बुद्ध की निर्वाण मुद्रा की प्रतिमा का दर्शन पूजन किया और थाई राजमाता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके पश्चात भिक्षुओं के दल ने माथा कुंवर मंदिर, मुकुट बंधन चैत्य जाकर धम्म पाठ के साथ पूजन किया यह कार्यक्रम थाई मॉनेस्ट्री के प्रमुख भंते डॉ पी सोम पोंग के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। भिक्षुओं ने बताया कि थाई परंपरा के अनुसार नागरिक बोध गया में भिक्षु बने और राजमाता का शोक संदेश लेकर तीर्थों के भ्रमण पर निकले हैं। स्माइल होली डे टूर एंड ट्रेवल्स के मार्ग दर्शन में भिक्षुओं का दल राजगीर होते हुए 14 अगस्त को बोध गया पहुंचेगा और वहां से 15 अगस्त को स्वदेश के लिए रवाना होगा। इस दौरान गाइड सूरज, अजित, शैलेन्द्र मौजूद रहे।



