वाराणसी। भारी बारिश के बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल परिसर में हुए जलजमाव ने मरीजों और तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चंदौली से सर्पदंश की शिकार एक मरीज को लेकर पहुंचे तीमारदार ने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में भारी जलभराव के कारण एंबुलेंस इमरजेंसी तक नहीं पहुंच सकी और इलाज मिलने में हुई देरी के बीच उसकी भतीजी की मौत हो गई।
भुक्तभोगी सिद्धार्थ के मुताबिक, उनकी भतीजी को मंगलवार सुबह सांप ने काट लिया था। परिजन उसे तत्काल चंदौली जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे BHU रेफर किया। तीमारदार का दावा है कि चंदौली जिला अस्पताल में एंटी वेनम इंजेक्शन उपलब्ध नहीं था, जिसके बाद वे एंबुलेंस से मरीज को लेकर BHU पहुंचे।
सिद्धार्थ के अनुसार, BHU अस्पताल परिसर में भारी बारिश के कारण काफी जलजमाव था। एंबुलेंस पानी में फंस गई और सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी तक नहीं पहुंच सकी। इसी दौरान मरीज की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
‘जलभराव में एंबुलेंस फंसने से बढ़ी परेशानी’
तीमारदार ने यह भी दावा किया कि जलभराव में फंसी एंबुलेंस में चार-पांच अन्य मरीजों की भी मौत हो गई। हालांकि, इन अन्य मौतों के दावे की स्वतंत्र पुष्टि भारत 24 नहीं करता है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
BHU परिसर में जलभराव के कारण मरीजों, तीमारदारों और एंबुलेंस के आवागमन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। मंगलवार की भारी बारिश के बाद कई स्थानों पर पानी भरने से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीज की मौत और एंबुलेंस के इमरजेंसी तक नहीं पहुंच पाने के आरोप पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। जलभराव और चिकित्सा आपात स्थिति के बीच मरीजों की सुरक्षित और त्वरित आवाजाही सुनिश्चित करना अस्पताल प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।



