चलते ट्रक के इंजन में लगी आग, ग्रामीणों ने बचाया 90 फीसदी गेहूं।

दमकल की गाड़ी एक घंटे बाद पहुंची, जलते ट्रक के पास जुटी रही भीड़ पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल।

रामकोला, कुशीनगर। रामकोला-पडरौना मार्ग पर मेहदीगंज चौराहे के पास मंगलवार शाम करीब पांच बजे गेहूं लदे एक ट्रक में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। ट्रक रामकोला की ओर जा रहा था। इंजन से आग की लपटें उठती देख चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सड़क के किनारे कर दिया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से ट्रक में लदा करीब 90 प्रतिशत गेहूं सुरक्षित निकाल लिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक में आग लगने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने जान की परवाह किए बिना गेहूं की बोरियां उतारनी शुरू कर दीं। ग्रामीणों की कोशिशों से अधिकांश गेहूं को जलने से बचा लिया गया। सूचना देने के करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। इसके बाद दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। घटना के दौरान मौके पर पहुंची रामकोला पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि धधकते ट्रक के आसपास दर्जनों लोगों की भीड़ जुटी रही, लेकिन उन्हें सुरक्षित दूरी पर हटाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। आरोप है कि पुलिसकर्मी लोगों को सुरक्षित हटाने के बजाय मूकदर्शक बने रहे।ट्रक में आग लगने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। इस दौरान कुछ वाहन चालक जलते ट्रक के बगल से जोखिम उठाकर निकलते रहे। आग बुझने के बाद मार्ग पर यातायात सुचारू कराया गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

रामकोला, कुशीनगर। रामकोला-पडरौना मार्ग पर मेहदीगंज चौराहे के पास मंगलवार शाम करीब पांच बजे गेहूं लदे एक ट्रक में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। ट्रक रामकोला की ओर जा रहा था। इंजन से आग की लपटें उठती देख चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सड़क के किनारे कर दिया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से ट्रक में लदा करीब 90 प्रतिशत गेहूं सुरक्षित निकाल लिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक में आग लगने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने जान की परवाह किए बिना गेहूं की बोरियां उतारनी शुरू कर दीं। ग्रामीणों की कोशिशों से अधिकांश गेहूं को जलने से बचा लिया गया। सूचना देने के करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। इसके बाद दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। घटना के दौरान मौके पर पहुंची रामकोला पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि धधकते ट्रक के आसपास दर्जनों लोगों की भीड़ जुटी रही, लेकिन उन्हें सुरक्षित दूरी पर हटाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। आरोप है कि पुलिसकर्मी लोगों को सुरक्षित हटाने के बजाय मूकदर्शक बने रहे।ट्रक में आग लगने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। इस दौरान कुछ वाहन चालक जलते ट्रक के बगल से जोखिम उठाकर निकलते रहे। आग बुझने के बाद मार्ग पर यातायात सुचारू कराया गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

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