
अमेरिका में चुनावी नतीजों के बीच रिपब्लिकन पार्टी को मिल रही हार पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। ट्रंप ने चुनावी नतीजों से खुद को अलग करते हुए दावा किया कि अगर वह खुद चुनाव मैदान में होते तो रिपब्लिकन पार्टी को बड़ी जीत मिलती। उनके इस बयान से पार्टी के भीतर पहले से चल रही नाराजगी और बढ़ने की संभावना है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर कहा, “मैं चुनाव मैदान में नहीं था। अगर मैं चुनाव लड़ रहा होता, तो हम भारी अंतर से जीतते।” उनके इस बयान को चुनावी हार की जिम्मेदारी से बचने और पार्टी के दूसरे उम्मीदवारों पर इसका ठीकरा फोड़ने के तौर पर देखा जा रहा है।
चुनावी हार के बीच ट्रंप ने बनाई दूरी
दरअसल, मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन को लेकर पहले से ही कई नेता नाराज बताए जा रहे हैं। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत गंवाने और सीनेट में भी नुकसान की आशंका ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है।
इस बीच ट्रंप का यह कहना कि वह चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे, पार्टी के भीतर नई बहस छेड़ सकता है। उनके बयान से साफ है कि वह चुनावी हार को अपनी राजनीतिक लोकप्रियता से जोड़कर नहीं देख रहे हैं। उनका दावा है कि उनकी मौजूदगी में नतीजे पार्टी के पक्ष में होते।
रिपब्लिकन नेताओं के सामने बड़ी चुनौती
चुनावी नतीजों के बाद अब रिपब्लिकन पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी राजनीतिक स्थिति संभालने की है। पार्टी नेताओं को न सिर्फ हार के कारणों की समीक्षा करनी होगी, बल्कि संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष को भी दूर करना होगा।
ट्रंप की इस प्रतिक्रिया ने पार्टी के भीतर मतभेद बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि रिपब्लिकन नेता चुनावी हार के लिए किसे जिम्मेदार ठहराते हैं और आगे की राजनीतिक रणनीति क्या बनाते हैं।



