रैली में नहीं पहुंचे नेता, युवा कांग्रेस ने लिया बड़ा एक्शन

दिल्ली में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में शामिल नहीं होना युवा कांग्रेस के कई पदाधिकारियों को भारी पड़ गया है। भारतीय युवा कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में संगठन के 83 नेताओं को निलंबित कर दिया है। इन सभी पर 1 नवंबर को दिल्ली में हुई रैली में शामिल नहीं होने का आरोप है। कार्रवाई की जद में प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव और जिलाध्यक्ष स्तर के पदाधिकारी भी आए हैं।

तीनों राज्यों में हुई इस कार्रवाई में मध्य प्रदेश सबसे आगे है। यहां 60 पदाधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। इसके अलावा हरियाणा में 10 और हिमाचल प्रदेश में 13 नेताओं पर संगठन ने कार्रवाई की है।

मध्य प्रदेश में 60 नेताओं पर कार्रवाई

मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने रैली में गैरहाजिर रहने वाले 60 पदाधिकारियों को निलंबित किया है। इस संबंध में जारी आदेश पर भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव और मध्य प्रदेश प्रभारी शिवी सिंह चौहान के साथ सह-प्रभारी रूपेश भदौरिया और यज्ञवल्क्य श्रीकांत जिचकर के हस्ताक्षर हैं।

निलंबित किए गए नेताओं में प्रदेश उपाध्यक्ष शिवराज यादव, राजवीर सिंह कुडिया, योगिता सिंह परिहार, प्रमोद सिंह खरे और नीरज पटेल शामिल हैं। इनके अलावा मैहर, आगर, नीमच, बुरहानपुर, अनूपपुर, गुना, बड़वानी, छतरपुर और भिंड सहित कई जिलों के युवा कांग्रेस अध्यक्षों पर भी कार्रवाई की गई है।

हरियाणा में प्रदेश उपाध्यक्ष समेत 10 सस्पेंड

हरियाणा युवा कांग्रेस ने भी रैली में शामिल नहीं होने वाले 10 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस सूची में प्रदेश उपाध्यक्ष नवदीप दलाल, आठ प्रदेश महासचिव और रोहतक जिला अध्यक्ष सुशील हुड्डा के नाम शामिल हैं।

हिमाचल में 13 पदाधिकारियों पर गिरी गाज

हिमाचल प्रदेश में भी युवा कांग्रेस ने 13 पदाधिकारियों को निलंबित किया है। इनमें दो उपाध्यक्ष, आठ महासचिव और तीन सचिव शामिल हैं। इस तरह तीनों राज्यों में कुल 83 पदाधिकारियों के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की गई है।

1 नवंबर को रामलीला मैदान में हुई थी रैली

बता दें कि दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित की थी। इस रैली के जरिए पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाया था। कांग्रेस ने इसे विपक्ष की एकजुटता और राजनीतिक ताकत दिखाने का बड़ा मंच बताया था।

रैली के बाद अब युवा कांग्रेस ने उन पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जो इसमें शामिल नहीं हुए थे। इस कदम से संगठन ने अपने नेताओं की जिम्मेदारी और कार्यक्रमों में भागीदारी को लेकर सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया है।

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