
उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका भी लगा है और राहत भी मिली है। हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों को स्पेशल TET में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है। हालांकि, कोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को निर्देश दिया है कि शिक्षामित्रों को 31 अगस्त 2028 तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करने के कम से कम छह मौके दिए जाएं।
कोर्ट के आदेश के मुताबिक, ये सभी मौके नियमित TET परीक्षाओं के जरिए दिए जाएंगे। यानी आयोग को 31 अगस्त 2028 से पहले शिक्षामित्रों के लिए कम से कम छह बार TET आयोजित करनी होगी। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और हाईकोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा है।
स्पेशल TET के नोटिफिकेशन को हाईकोर्ट में दी गई थी चुनौती
UPESSC की ओर से गैर-TGT शिक्षकों और संविदा पर पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए स्पेशल TET आयोजित करने का नोटिफिकेशन 2 सितंबर को जारी किया गया था। शिक्षामित्रों ने इस नोटिफिकेशन को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे पिछले करीब 20 साल से शिक्षा व्यवस्था में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्पेशल TET में संविदा शिक्षकों को शामिल होने का मौका दिया गया, लेकिन शिक्षामित्रों को इससे बाहर रखा गया। उन्होंने इसे भेदभाव बताते हुए स्पेशल TET में शामिल किए जाने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की शिक्षामित्रों की मांग?
शिक्षामित्रों की याचिका पर न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि नियमित पदों पर नियुक्त शिक्षकों और शिक्षामित्रों की सेवा की स्थिति अलग-अलग है। ऐसे में स्पेशल TET में शिक्षामित्रों को शामिल नहीं करना भेदभाव नहीं माना जा सकता।
सुनवाई के दौरान UPESSC ने भी अपना पक्ष रखा। आयोग ने कहा कि शिक्षामित्र नियमित शिक्षक नहीं हैं। आयोग के मुताबिक, 3 नवंबर को आयोजित स्पेशल TET में करीब 86 हजार नियमित शिक्षकों ने हिस्सा लिया था, जबकि प्रदेश में शिक्षामित्रों की संख्या लगभग 1.50 लाख है।
2028 तक हर साल मिलेंगे TET के दो मौके
स्पेशल TET में शामिल होने की मांग खारिज करने के साथ ही हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों को नियमित TET पास करने के लिए छह मौके देने का निर्देश दिया है। ये मौके 2026, 2027 और 2028 में आयोजित होने वाली परीक्षाओं के जरिए दिए जाएंगे।
सुनवाई के दौरान आयोग ने बताया कि अगली TET परीक्षा 26 और 27 फरवरी को प्रस्तावित है। इसके बाद जून-जुलाई 2027 और दिसंबर-जनवरी में परीक्षा आयोजित करने की योजना है। इस तरह हर साल दो मौके दिए जाएंगे। कोर्ट के निर्देश के अनुसार, 31 अगस्त 2028 से पहले एक और TET आयोजित कर शिक्षामित्रों को कुल छह मौके उपलब्ध कराने होंगे।
इस फैसले से शिक्षामित्रों को स्पेशल TET में शामिल होने का मौका तो नहीं मिला, लेकिन नियमित TET पास करने के लिए उन्हें अतिरिक्त अवसर जरूर मिलेंगे।



