
उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व संग्रह में अक्टूबर महीने के दौरान अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अक्टूबर में प्रदेश को प्रमुख कर और करेत्तर राजस्व मदों से कुल 19,686 करोड़ रुपये मिले हैं। पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 17,747 करोड़ रुपये था। यानी एक साल में प्रदेश के राजस्व संग्रह में 1,939 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गुरुवार (5 नवंबर) को राजस्व संग्रह के आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि जीएसटी, स्टाम्प एवं निबंधन और वैट से मिलने वाले राजस्व में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है। पिछले साल के मुकाबले जीएसटी से 1,323 करोड़ रुपये, स्टाम्प एवं निबंधन से 427 करोड़ रुपये और वैट से 303 करोड़ रुपये अधिक प्राप्त हुए हैं।
GST से 1,323 करोड़ रुपये ज्यादा कमाई
वित्त मंत्री के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में जीएसटी से प्रदेश को 8,154 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जबकि अक्टूबर 2025 में यह 6,831 करोड़ रुपये था। इस तरह जीएसटी संग्रह में 1,323 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, वैट के तहत इस साल अक्टूबर में 2,705 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 2,402 करोड़ रुपये मिले थे। इस मद में 303 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई।
स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के राजस्व में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है। अक्टूबर 2026 में इस विभाग से 2,714 करोड़ रुपये मिले, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 2,287 करोड़ रुपये था। यानी इस मद में 427 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हुई।
खनन से बढ़ी कमाई, आबकारी और परिवहन में गिरावट
भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग के राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है। अक्टूबर 2026 में इस विभाग से 356 करोड़ रुपये मिले, जबकि पिछले साल इसी महीने 300 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई थी। इस तरह खनन से होने वाली कमाई में 56 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
हालांकि, आबकारी और परिवहन विभाग के राजस्व में गिरावट देखने को मिली। आबकारी विभाग से अक्टूबर 2026 में 4,495 करोड़ रुपये मिले, जबकि पिछले साल इसी महीने 4,508 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। वहीं, परिवहन विभाग का राजस्व 1,419 करोड़ रुपये से घटकर 1,262 करोड़ रुपये रह गया।
अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले का स्वागत
राजस्व संग्रह के आंकड़े साझा करने के साथ वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाने के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रति आभार जताया।
खन्ना ने कहा कि अग्निवीरों की शुरुआती नियुक्ति चार साल के लिए की गई थी। अब इसमें दो साल की अतिरिक्त वृद्धि करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने इसे देश की सेवा में जुटे युवाओं का मनोबल बढ़ाने और उनके भविष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।



