वाराणसी। काशी दर्शन के लिए महाराष्ट्र से आए एक परिवार पर पिता की मौत का ऐसा सदमा पड़ा कि मां-बेटे ने कथित तौर पर सल्फास खाकर अपनी जान दे दी। लक्सा थाना क्षेत्र के वाची होम स्टे में मंगलवार को मां-बेटे के शव मिलने से हड़कंप मच गया। कमरे से सल्फास के पैकेट मिले हैं। दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था। घटना की सूचना मिलते ही लक्सा पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
महाराष्ट्र के रायगढ़ निवासी विशाल मुखर्जी (56), उनकी पत्नी जया मुखर्जी (51) और बेटा ईशान मुखर्जी (26) सात अगस्त को काशी दर्शन के लिए वाराणसी आए थे। तीनों ने लक्सा थाना क्षेत्र स्थित वाची होम स्टे में कमरा लिया था। परिवार ने पहले दिन काशी के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए और फिर होम स्टे लौट आया।
बताया गया कि विशाल मुखर्जी लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। रविवार रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। होम स्टे कर्मचारियों और पुलिस की मदद से उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया।
इसके अगले दिन सोमवार रात जया मुखर्जी और उनके बेटे ईशान ने कथित तौर पर सल्फास खा लिया। मंगलवार को जब होम स्टे के कमरे से दोनों के बाहर नहीं आने पर कर्मचारियों को संदेह हुआ तो जांच की गई। कमरे के अंदर दोनों के शव पड़े मिले। उनके मुंह से झाग निकल रहा था। मौके से सल्फास के पैकेट भी बरामद हुए।
घटना की जानकारी मिलते ही लक्सा पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने कमरे की बारीकी से जांच कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। काशी जोन के एडीसीपी वैभव बांगर और एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। अधिकारियों ने होम स्टे के मैनेजर और कर्मचारियों से पूछताछ की।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में पिता की मौत के सदमे में मां-बेटे द्वारा आत्मघाती कदम उठाए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस घटना के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद मौत की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।



