कुशीनगर । नवागत जिलाधिकारी संजय चौहान ने आज कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और सभी का परिचय प्राप्त किया । बैठक के दौरान उन्होंने उपस्थित मातहत अधिकारियों से उनके विभागों में संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों एवं विभागीय कार्यों की जानकारी हासिल ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये । बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उप निदेशक ( कृषि ) से कृषि विश्वविद्यालय के भवनों के निर्माण की भौतिक प्रगति की जानकारी प्राप्त की और छात्र-छात्राओं के प्रवेश एवं शैक्षणिक सत्र के संचालन के संबंध में की जा रही तैयारियों को समय से पूर्ण पूरा किये जाने की हिदायत दी । किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तथा जनपद में उर्वरक की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए उन्होंने आवश्यकतानुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने की अपेक्षा की । जिलाधिकारी ने वेयरहाउसों की स्थिति की जानकारी हासिल करने के क्रम में आवश्यकतानुसार खाद्यान्न एवं अन्य कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण के लिए स्टॉक क्षमता को संरक्षित किये जाने की जरूरत बतायी ।
उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को विद्यालय परिसरों में साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित कराने तथा रोस्टर के अनुसार गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय में जलभराव की समस्या नहीं पैदा होनी चाहिए। विद्यालयों में निर्माण, मरम्मत अथवा अन्य आवश्यक कार्यों की आवश्यकता होने पर तत्काल प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित किया जाए। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को अद्यतन शासनादेशों के अनुसार विकास एवं पंचायत संबंधी कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उपस्थित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को गोवंश के संरक्षण, जियो-ट्रैकिंग एवं पंजीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पशुओं की संख्या के अनुसार गौशालाओं की क्षमता बढ़ाई जाए एवं उन्हें चारागाहों से जोड़ा जाए। गौशालाओं की क्षमता वृद्धि के साथ-साथ निराश्रित एवं बेसहारा पशुओं को संरक्षित करने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए । जिला आबकारी अधिकारी को राजस्व वृद्धि के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने और बिहार सीमा से जुड़े इलाके में प्रवर्तन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया । जिलाधिकारी श्री चौहान ने आगाह करने के लहजे में कहा कि जिले में अवैध एवं कच्ची शराब बनाने एवं बेचने का नाजायज धंधा कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जनपद के सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा अधिक से अधिक मरीजों को जांच की सुविधा सुलभ कराए जाने की हिदायत दी । बैठक में जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने, विद्युत बिलों के भुगतान/निस्तारण की कार्रवाई समय से पूरी कराने और खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदले जाने की अपेक्षा की । जब कि डिप्टी कमिश्नर ( जीएसटी ) को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला पूर्ति अधिकारी को अवशेष अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने तथा निर्मित अन्नपूर्णा भवनों का तत्काल संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां बजट की आवश्यकता हो, वहां तत्काल शासन को मांग पत्र प्रेषित किया जाए।
डिप्टी आरएमओ को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप धान खरीद सुनिश्चित करने तथा धान के सुरक्षित भंडारण के लिए वेयरहाउसों को समय से तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि अतिरिक्त वेयरहाउस निर्माण की आवश्यकता हो , तो तत्काल शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया जाए। चकबंदी अधिकारी को धारा 24, 25 एवं कब्जा परिवर्तन से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए अभियान चलाकर निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उप निदेशक मत्स्य को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप मत्स्य पालन हेतु पट्टों का आवंटन करने तथा पंजीकृत मत्स्य पालकों को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को प्राथमिकता के आधार पर हैंडओवर की कार्रवाई शत-प्रतिशत पूर्ण कराने तथा आईजीआरएस की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप विभागीय योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी, प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना तथा विभागीय कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित कराना सभी अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।



