सेवरही। कुशीनगर बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मोर्चा संभाल लिया है। सेवरही क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में आठ स्वास्थ्य टीमें तैनात की गई हैं। टीमें लगातार गांवों में पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी लेने के साथ जरूरत के अनुसार उपचार और दवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
बाढ़ के बाद संक्रमण, बुखार, डायरिया और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। स्वास्थ्यकर्मियों को प्रभावित क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर बीमारियों के लक्षण मिलने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में सर्पदंश और कुत्ते के काटने की घटनाओं को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। ऐसे मामलों में तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क करने की अपील की गई है। विभाग के अनुसार सीएचसी सेवरही और पीएचसी तरया सुजान में आवश्यक वैक्सीन उपलब्ध हैं। गंभीर मरीजों को जरूरत के अनुसार उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया जा रहा है। प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट की भी मदद ली जा रही है। स्वास्थ्यकर्मी ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के इस्तेमाल, साफ-सफाई, सुरक्षित भोजन और संक्रामक बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कुशीनगर भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार भ्रमण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। वहीं सेवरही अधीक्षक डा. अमित जायसवाल के नेतृत्व में संयुक्त स्वास्थ्य टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही है। डा. जायसवाल ने बाढ़ पीड़ितों से अपील की कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या पर तत्काल स्वास्थ्य शिविर या स्वास्थ्य टीम से संपर्क करें। स्वास्थ्य शिविरों में सेवरही, तमकुहीराज और दुदही क्षेत्र के स्वास्थ्यकर्मी भी सहयोग कर रहे हैं। इस दौरान डा. ओएन मिश्र, डा. पिंकी जायसवाल, डा. अभिषेक सिंह, डा. मुकेश आर्य, अरुण कुमार सिंह, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक विमलेश दुबे, हरेंद्र सिंह, मनीष मिश्र, राजन सिंह और दीपक कनौजिया समेत सीएचओ व अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से लोगों को समय पर उपचार और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है। टीमें लगातार निगरानी कर संभावित बीमारियों के प्रसार को रोकने में जुटी हैं।



