वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर राजधानी का  8,300 करोड़ का क्लीन एयर प्लान, 7 साल तक चलेगा अभियान | CM Rekha Gupta

नई दिल्ली | दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में वर्ल्ड बैंक के साथ हाथ मिलाया है। वर्ल्ड बैंक के साथ शुरू होने वाली इस योजना के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने  ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ (दिल्ली क्लीन एयर प्रोग्राम) के तहत ओरिएंटेशन वर्कशॉप की शुरुआत भी की। वर्ल्ड बैंक के सहयोग से 8,300 करोड़ रुपये की लागत से शुरू होने वाला यह प्रोग्राम सात साल (सितंबर 2026 से अगस्त 2033) तक चलेगा।

इसमें 65 फीसदी वित्तीय सहयोग वर्ल्ड बैंक देगा, जबकि बाकी खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वायु प्रदूषण जैसी जटिल चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार व्यापक, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ केवल प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और टिकाऊ भविष्य में निवेश है।

उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ काम करना होगा। सरकार की रणनीति प्रदूषण के स्रोत पर रोक लगाने, डेटा आधारित निगरानी, तकनीक के जरिए नियमों का सख्ती से पालन कराने और जन भागीदारी बढ़ाने पर आधारित होगी। दो चरणों में चलेगा यह प्रोग्राम पहले चरण में एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत किया जाएगा।

आधुनिक मॉनिटरिंग नेटवर्क, डेटा एनालिटिक्स, इंटीग्रेटेड कमाड एंड कंट्रोल सेंटर और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट बनाई जाएगी। दूसरे चरण में प्रदूषण के प्रमुख स्त्रोतों पर कार्रवाई होगी। पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से हटाने, ई-वीकल्स को बढ़ावा देने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने, प्रदूषण जांच व्यवस्था विकसित करने पर फोकस रहेगा।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि ग्रीन बजट 2026-27 में कुल बजट का करीब 21 फीसदी हिस्सा स्वच्छ हवा, हरित दिल्ली और स्वच्छ यमुना के लिए रखा गया है। उनके अनुसार, वर्ल्ड बैंक के साथ यह साझेदारी दिल्ली को वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम पर्यावरणीय कार्यप्रणालियां अपनाने और भविष्य में अधिक स्वच्छ एवं रहने योग्य शहर बनाने में मदद करेगी।

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