
सीजेपी आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफे से दिल्ली के साथ ओडिशा में हलचल मची है। ओडिशा में धर्मेंद्र प्रधान समर्थकों का मानना है कि पार्टी के भीतर उन्हें किनारे नहीं किया जा सकता है। इस्तीफे के बाद जिस तरह संसद में उनका स्वागत हुआ, उससे यह तय हो गया कि अभी उनकी राजनीति बाकी है। हालांकि यह अभी क्लियर नहीं है कि बीजेपी प्रधान को क्या भूमिका देगी, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी अपने खास सेनापति को बिना किसी बड़े दायित्व के नहीं रखेंगे। विधायकों और बीजेपी नेताओं ने संकेत दिए हैं कि अब धर्मेंद्र प्रधान के लिए ओडिशा का चीफ मिनिस्टर बनने का विकल्प खुल गया है। सूत्रों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान अभी दिल्ली में रहेंगे और अमित शाह की कोर टीम में काम करेंगे। उन्हें फिलहाल ओडिशा नहीं भेजा जाएगा।



