रानी अवंती बाई लोधी के बलिदान से प्रेरणा लें युवा : मुख्यमंत्री योगी

वीरांगना की स्मृति में बदायूं की महिला पीएसी बटालियन में स्थापित होगी अश्वारोही प्रतिमा, यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या 45 हजार से अधिक पहुंची

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की 196वीं जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने रानी अवंती बाई को वर्ष 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर की महान क्रांतिकारियों में शामिल बताते हुए कहा कि देश के लिए वीरांगनाओं का तप, त्याग और बलिदान आज भी समाज को प्रेरणा देने का काम करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1857 में रानी अवंती बाई लोधी की आयु केवल 27 वर्ष थी। इतनी कम उम्र में उन्होंने देश की स्वतंत्रता के संघर्ष में अपने प्राणों का बलिदान देकर साहस और राष्ट्रभक्ति की ऐसी मिसाल कायम की, जो आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी उन महान देशभक्त नायिकाओं में थीं, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनके नेतृत्व में अंग्रेजों के विरुद्ध आजादी की लड़ाई लड़ी गई। देश के लिए उनके त्याग और योगदान के प्रति आज भी हर भारतवासी श्रद्धा से नतमस्तक है।

तीन महिला पीएसी बटालियन को वीरांगनाओं के नाम

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वीरांगनाओं के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और उन्हें प्रेरणा का स्रोत बनाने के उद्देश्य से सरकार ने तीन नई महिला पीएसी बटालियनों के गठन की दिशा में काम आगे बढ़ाया है। इन बटालियनों का नामकरण वीरांगनाओं के नाम पर किया गया है।

बदायूं में रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर गठित नई पीएसी वाहिनी का काम लगभग पूरा हो चुका है। यहां उनकी अश्वारोही प्रतिमा स्थापित करने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। वहीं, लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर गठित महिला पीएसी बटालियन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर स्थापित की जा रही नई पीएसी बटालियन का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। दोनों बटालियनों में संबंधित वीरांगनाओं की अश्वारोही प्रतिमाओं की स्थापना की दिशा में भी कार्रवाई चल रही है।

महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मातृशक्ति की सुरक्षा से जुड़े सवालों को समाप्त करना सरकार की प्राथमिकताओं में है। वीरांगनाओं के नाम पर किए जा रहे कार्यों का उद्देश्य बेटियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे सम्मान के साथ समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें और आत्मनिर्भर बनकर अपनी भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़े कार्यक्रमों को लगातार आगे बढ़ा रही है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य बेटियों को सशक्त बनाकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार पार

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 20 प्रतिशत महिला भर्ती को अनिवार्य किया गया है। वर्ष 2017 में प्रदेश पुलिस बल में महिला कर्मियों की संख्या करीब 10 हजार थी, जो अब बढ़कर 45 हजार से अधिक हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी सशक्तीकरण केवल नारे तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के गौरव, सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए जमीन पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के साथ राष्ट्र प्रथम की भावना को आत्मसात करते हुए आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें, यही सरकार का लक्ष्य है।

कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, विधायक जय देवी और विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

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