
इटावा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शनिवार रात हुए भीषण सड़क हादसे में घायल बाराबंकी के DSP नरेंद्र सिंह (55) की रविवार देर रात सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में उनके गनर कांस्टेबल योगेंद्र सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका उपचार जारी है।
हादसा ऊसराहार थाना क्षेत्र में कौवा रमपुरा गांव के पास हुआ। बताया गया कि तेज बारिश के दौरान DSP नरेंद्र सिंह अपने गनर के साथ क्रेटा कार से मुजफ्फरनगर जा रहे थे। कार गनर योगेंद्र सिंह चला रहे थे, जबकि DSP बगल वाली सीट पर बैठे थे। इसी दौरान कार आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि क्रेटा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके पुर्जे एक्सप्रेसवे पर बिखर गए। दोनों पुलिसकर्मी कार के अंदर फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और एक्सप्रेसवे सुरक्षा टीम ने कार के दरवाजे काटकर दोनों को बाहर निकाला और एंबुलेंस से सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंचाया।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
अस्पताल में उपचार के दौरान रविवार रात करीब 11:20 बजे DSP नरेंद्र सिंह ने दम तोड़ दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन की सूचना पर सैफई प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह राठी पुलिस टीम के साथ पहुंचे और शव को शवगृह में रखवाया। पुलिस ने सोमवार को पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय तेज बारिश के कारण दृश्यता काफी कम थी। इसी दौरान आगे चल रहे ट्रक की गति कम होने पर पीछे से आ रही कार उससे टकरा गई। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
छह माह पहले बने थे DSP
बाराबंकी एसपी अर्पित विजयवर्गीय के अनुसार नरेंद्र सिंह मूल रूप से गौतमबुद्ध नगर के बरौला, सेक्टर-49 निवासी थे। वह बाराबंकी एसपी कार्यालय में तैनात थे और सरकारी आवास में रहते थे। करीब छह माह पहले इंस्पेक्टर पद से प्रमोशन के बाद DSP बने थे। प्रमोशन के बाद बाराबंकी में उनकी पहली तैनाती थी। परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं। हादसे की सूचना के बाद परिजन सैफई पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है।



