एनएचएम संविदाकर्मियों ने बजाया आंदोलन का बिगुल

काला फीता से कार्य बहिष्कार और फिर लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

फाजिलनगर (कुशीनगर) | वर्षों से स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बने एनएचएम संविदाकर्मियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन समेत छह सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। सोमवार को सीएचसी फाजिलनगर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. उमाशंकर नायक को संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राधा निरंकारी व महामंत्री सुधाकर सिंह के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपकर शासन को आंदोलन के अगले चरण की चेतावनी दी गई।

जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार पाण्डेय की मौजूदगी में सौंपे गए ज्ञापन के दौरान सीएचसी के विभिन्न संवर्गों के एनएचएम संविदाकर्मी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में करीब एक लाख एनएचएम संविदाकर्मी 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं।कोविड काल में भी कर्मचारियों नेजोखिमउठाकरअपनीजिम्मेदारी निभाई, लेकिन वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला।उन्होंने कहा कि संघ की प्रमुखमांगनियमितीकरण है। नियमितीकरण होने तक समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। उनका कहना था कि छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र में लंबे समय से सेवा दे रहे एनएचएम कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है तो उत्तर प्रदेश में भी वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के भविष्य पर निर्णय होना चाहिए।

संघ ने नियमितीकरण और समान वेतन के साथ 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, महंगाई भत्ता (डीए), ईपीएफ और एचआरए का लाभ देने की मांग की है। इसके अलावा रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण नीति बहाल करने, अनुकंपा नियुक्ति की नीति बनाने, आउटसोर्स एमसीटीएस/आईडीएसपी व कोविड कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने तथा नियमित भर्ती में एनएचएम कर्मचारियों को 25 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग उठाई गई है।जिलाध्यक्ष ने कहा कि 22 सितंबर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मुख्य चिकित्साधिकारी व जिलाधिकारी के माध्यम से दिया गया था। 15 दिन तक शासन की सकारात्मक पहल का इंतजार किया गया, लेकिन तीन अक्टूबर तक कोई ठोस निर्णय नहीं आया। अब संघ ने आंदोलन की चरणबद्ध रणनीति घोषित कर दी है।

5, 6 और 7 अक्टूबर को कर्मचारी काला फीता बांधकर विरोध जताएंगे। 8, 9 और 10 अक्टूबर को कार्य बहिष्कार कर जिला मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो 12 अक्टूबर से एनएचएम कर्मचारी संघ समेत 18 अन्य संवर्गों के समर्थन में प्रदेश के हजारों कर्मचारी लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।

संघ ने आंदोलन से स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले संभावित असरकीजिम्मेदारीशासन-प्रशासन पर होने की बात कही है।इस अवसर पर डॉ. रीता जायसवाल, पुनीता राव, मनीषा सिंह, प्रीति मिश्रा, कमरूल होदा, बीसीपीएम अजय कुमार, सुगंधी देवी, आदित्य प्रकाश तिवारी, विनय गुप्ता, डीईओ सदानंद कुमार समेत बड़ी संख्या में संविदाकर्मी मौजूद रहे।

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