कमिश्नरेट लखनऊ की पुलिस लाइन्स में मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 की गरिमामयी उपस्थिति में पुलिस स्मृति दिवस-2026 की परेड का आयोजन

लखनऊ | आज दिनांक को सायं पुलिस लाइन लखनऊ में पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया गया। श्री राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 के आगमन पर परेड स्थल पर उन्हें सलामी दी गयी। प्रथम परेड कमाण्डर श्री अतुल शर्मा पुलिस अधीक्षक अभिसूचना उ0प्र0 तथा द्वितीय कमाण्डर श्री अमोल मुर्कुट अपर पुलिस उपायुक्त कमिश्नरेट लखनऊ व परेड एड्जूटेन्ट श्री अनिल कुमार सहायक सेनानायक 49वीं वाहिनी पीएसी गौतमबुद्धनगर रहे। परेड में यातायात पुलिस, जीआरपी, आरआरएफ, पीएसी, एटीएस, एसडीआरएफ, नागरिक पुलिस, एसएसएफ, फायर सर्विस एवं महिला पुलिस सहित कुल 12 टुकड़ियां सम्मिलित हुई।

इसके उपरांत माननीय मुख्यमंत्री उ0प्र0 श्री योगी आदित्यनाथ जी का आगमन हुआ। श्री राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 एवं श्री आलोक सिंह, पुलिस महानिदेशक, पीएसी के साथ माननीय मुख्यमंत्री जी सलामी मंच पर पहुँचे। परेड द्वारा उन्हें सलामी दी गयी, तत्पश्चात श्रीमती अंकिता सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, उ0प्र0 पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ द्वारा शहीद पुस्तिका को ससम्मान सलामी मंच तक लाया गया, जहॉ पर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के माध्यम से मा0 मुख्यमंत्री जी ने शहीद पुस्तिका को सलामी मंच पर प्रतिस्थापित किया।

इस अवसर पर मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा पुलिस शहीद स्मारक स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर वीर शहीदों को नमन किया गया।

मुख्यमंत्री जी ने अपने सम्बोधन में कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीदों के प्रति राष्ट्र का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता। पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण ही प्रदेश में कानून का राज स्थापित  करने की आधारशिला है।

उन्होंने कहा कि शहीदों के नाम केवल स्मारकों पर ही अंकित नहीं होते, बल्कि वे राष्ट्र की नैतिक चेतना में सदैव जीवित रहते हैं। हम उनके जीवन की सभी परिस्थितियों से भले ही परिचित न हों, लेकिन उनके अंतिम निर्णय की महानता को अवश्य समझ सकते हैं। जब कर्तव्य और व्यक्तिगत आकांक्षाओं के बीच कठिन चुनाव की घड़ी आई, तब उन्होंने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा। उनका अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान हमें गर्व की अनुभूति कराने के साथ-साथ अपने दायित्वों के प्रति सजग एवं प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 के बाद अपराध के विरुद्ध अभियानों में उत्तर प्रदेश पुलिस के 18 कार्मिक शहीद हुए तथा 1,953 पुलिसकर्मी घायल हुए। इस वर्ष शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया। शहीदों के आश्रितों को पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत ₹425 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री जी ने पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए बताया कि अब तक पांच लाख कैशलेस हेल्थ कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की कार्य परिस्थितियों में सुधार, उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उनके मनोबल को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिसकर्मियों के हित में महत्वपूर्ण घोषणाएं

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षक एवं निरीक्षक स्तर के पुलिसकर्मियों का मोटरसाइकिल भत्ता ₹700 से बढ़ाकर ₹1,000 प्रतिमाह करने की घोषणा की। इसके साथ ही पीपीएस संवर्ग के अधिकारियों का वर्दी भत्ता ₹6,400 से बढ़ाकर ₹15,000 तथा फील्ड ड्यूटी में तैनात आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी का सिम भत्ता ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 करने की घोषणा की।

पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 श्री राजीव कृष्ण द्वारा अपने सम्बोधन में कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, त्याग एवं कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया। उन्होंने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का बलिदान केवल एक पुलिसकर्मी की शहादत नहीं, बल्कि उन परिवारों के सपनों, खुशियों और उम्मीदों का भी अधूरा रह जाना है, जिन्होंने अपने प्रियजन को खोया है।

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि 01 सितंबर, 2025 से 31 अगस्त, 2026 तक देशभर के राज्य एवं केंद्रीय पुलिस बलों के कुल 154 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए। इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस के छह वीर सपूत—उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, आरक्षी अशोक कुमार, आरक्षी प्रदीप कुमार, फायर सर्विस चालक तीर्थपाल सिंह एवं फायरमैन रोहित कुमार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन वीर शहीदों का सर्वोच्च बलिदान सदैव पुलिस बल को प्रेरित करता रहेगा।

उन्होंने कहा कि शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि उनके सेवा भाव, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को अपने आचरण में आत्मसात करना है। इसी भावना के अनुरूप माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में अपराध एवं अपराधियों के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए निर्धारित 10 प्राथमिकताओं पर कार्य किया जा रहा है, जिनमें से कई को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा जा चुका है।

पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश पुलिस iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर एक करोड़ पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाला देश का पहला विभाग बना है।

साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश में समग्र साइबर सुरक्षा तंत्र विकसित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप गत एक वर्ष में ₹635 करोड़ की धनराशि विभिन्न बैंकों में सीज़ कराई गई, जिससे हजारों लोगों की धनराशि सुरक्षित करने में मदद मिली।

उन्होंने बताया कि सुगम यातायात एवं सड़क सुरक्षा के लिए संचालित ZFD और RTC अभियानों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025 की पहली छमाही की तुलना में वर्ष 2026 की पहली छमाही में सड़क दुर्घटनाओं में 9 प्रतिशत तथा दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु में 10.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इन प्रयासों से 1,000 से अधिक अमूल्य जीवन बचाने में मदद मिली है।

महिला सुरक्षा के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक थाने में स्थापित मिशन शक्ति केंद्र महिलाओं को प्री-एफआईआर से पोस्ट-एफआईआर स्तर तक एक ही छत के नीचे विधिक, चिकित्सकीय एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

नशे के विरुद्ध अभियान का उल्लेख करते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस मादक पदार्थों के तस्करों के साथ-साथ उनके नेटवर्क, अवैध कमाई और तस्करी के साधनों पर भी प्रभावी कार्रवाई कर रही है। वर्ष 2026 में अब तक 6,000 से अधिक तस्करों की गिरफ्तारी, 36,000 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों की बरामदगी तथा 26 कार्टेलों का ध्वस्तीकरण इस अभियान की प्रमुख उपलब्धियां हैं। यह कार्रवाई माननीय मुख्यमंत्री जी के नशामुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को मजबूती प्रदान करती है।

अंत में पुलिस महानिदेशक ने देशभर के 154 अमर शहीद पुलिसकर्मियों तथा उत्तर प्रदेश के छह वीर सपूतों को नमन करते हुए कहा कि उनका साहस प्रेरणा, त्याग गौरव और स्मृति सदैव कर्तव्यपालन का संकल्प बनी रहेगी। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसके बाद शहीद पुस्तिका वापस प्राप्त कर वाहक द्वारा शहीद स्मारक स्थल तक ले जायी गयी।

शहीद स्मारक स्थल पर मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, मा0 मंत्रीगण, मुख्य सचिव उ0प्र0, पुलिस महानिदेशक उ0प्र0, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना तथा पुलिस/प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस कर्मियों तथा सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों द्वारा शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र व पुष्प अर्पित कर शहीदों को नमन् किया गया। पुलिस बलों द्वारा शहीदों को सलामी दी गयी तथा शोक प्रदर्शित किया गया।

इस अवसर पर मा0 मुख्यमंत्री जी उ0प्र0 द्वारा शहीद पुलिसजनों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये अपने संबोधन के उपरांत शहीद पुलिसजनों के परिजनों से भेंट कर उनकी कुशलक्षेम पूछते हुये उन्हे सम्मानित किया गया।

Related Articles

Back to top button