अधिवक्ता दीपांकर मिश्रा की पैरवी पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश

अजीतमल के विकास कुमार के प्रार्थना-पत्र पर अदालत ने 15 दिन में आख्या देने के दिए निर्देश

औरैया। थाना अजीतमल से जुड़े एक मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/फास्ट ट्रैक कोर्ट, औरैया ने विकास कुमार के प्रार्थना-पत्र पर सुनवाई करते हुए संबंधित थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज कर विधि के अनुसार विवेचना करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने 15 दिनों के भीतर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया है।

प्रार्थना-पत्र में विकास कुमार ने आरोप लगाया कि 17 जुलाई 2026 की रात उनकी पत्नी नेहा ससुराल से चली गईं। अगले दिन सुबह घर से करीब पांच लाख रुपये के आभूषण और 15 हजार रुपये नकद गायब मिले। प्रार्थी ने राहुल यादव की भूमिका पर संदेह जताते हुए मामले की जांच और कथित रूप से गायब संपत्ति की बरामदगी की मांग की थी। ये आरोप हैं, जिनकी पुष्टि विवेचना के बाद ही हो सकेगी।

थाना स्तर और पुलिस अधीक्षक को शिकायत देने के बाद अपेक्षित कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए विकास कुमार ने न्यायालय की शरण ली।

प्रकरण की पैरवी कर रहे अधिवक्ता दीपांकर मिश्रा ने बताया कि करीब दो माह में आधा दर्जन से अधिक सुनवाई हुईं। 12 अक्टूबर 2026 को न्यायालय ने प्रार्थना-पत्र स्वीकार करते हुए एफआईआर दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए। अब मामले में पुलिस की जांच के बाद तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।

 

रिपोर्ट दीपक अवस्थी

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