
लखनऊ: राज्य सरकार ने घोषणा कर दी है कि उत्तर प्रदेश कॉर्पोरेशन फॉर आउटसोर्स्ड सर्विसेज (यूपीकोस) के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को संशोधित वेतन का लाभ सितंबर महीने से मिलेगा। प्रदेश में ऐसे कर्मियों की संख्या 2.70 लाख के आस पास हैं जो विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हैं।
सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा नवंबर 2, 2026 को जारी एक आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि 19 सितंबर 2026 को जारी पिछले सरकारी आदेश में बताए गए वेतन, 2 सितंबर 2026 से लागू होंगे।
इसका मतलब यह है कि सरकारी विभागों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को नवंबर महीने के लिए बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा और पिछले महीनों का बकाया (एरियर) भी दिया जाएगा। इस फैसले से 70 से अधिक सरकारी विभागों में आउटसोर्स के जरिए काम कर रहे कम से कम 2.70 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा।
जिन विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी आदेश में तय वेतन से कम मजदूरी पर रखा गया है, वहां नए वेतन दर के कारण होने वाले अतिरिक्त खर्च के लिए बजट का प्रावधान किया जाएगा।
वेतन को चार श्रेणियों में बांटा गया है: स्तर 1 में वेतन 39,000 रुपये, स्तर 2 में 21,947 रुपये, स्तर 3 में 19,446 रुपये और स्तर 4 में 17,646 रुपये है। वेतन से ईपीएफ और ईसीआई की कटौती की जाएगी, जिसमें नियोक्ता (एम्प्लॉयर) का भी बराबर का योगदान होगा। नियमों के अनुसार, ये कटौतियां कर्मचारियों को दी जाएंगी।
आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए, जीएसटी , सर्विस चार्ज और सेंटेज का भुगतान संबंधित विभाग द्वारा किया जाएगा। यूपीकोस पोर्टल उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कार्मिकों के प्रबंधन हेतु एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है। यह पोर्टल आउटसोर्स कार्मिकों को समय पर वेतन, ईपीएफ अंशदान, ईएसआईसी लाभ एवं पारदर्शी सेवा प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए विभागों, आउटसोर्स एजेंसियों एवं कार्मिकों के बीच विश्वास, जवाबदेही और दक्षता को सुदृढ़ बनाता है।



