
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बीजेपी के प्रबुद्ध सम्मेलन के दौरान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के समानता संबंधी नियमों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से UGC के मुद्दे पर सवाल पूछना पार्टी के एक कार्यकर्ता को भारी पड़ गया। आरोप है कि बीजेपी पार्षद विनय मिश्रा ने कार्यकर्ता रोहित तिवारी उर्फ काका के साथ मारपीट की। मामले में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पार्षद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
यह घटना रविवार को प्रयागराज के परेड ग्राउंड में आयोजित बीजेपी के प्रबुद्ध सम्मेलन की है। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। इसी दौरान रोहित तिवारी और एक अन्य व्यक्ति ने UGC के ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को प्रोत्साहन’ संबंधी विनियमों को लेकर उनसे सवाल किया।
केशव मौर्य से पूछा- हमारे बारे में कब बोलेंगे?
कार्यक्रम के दौरान जब केशव प्रसाद मौर्य संबोधन कर रहे थे, तभी दोनों व्यक्तियों ने उनसे सवाल करते हुए कहा, ‘आप हमारे बारे में कब बोलेंगे? कृपया UGC के बारे में बोलिए।’ इस पर डिप्टी सीएम ने जवाब दिया, ‘अभी आप चुप रहो। चलो, मैं सब कुछ बोलूंगा। मैं कोई चीज बोलने से कभी नहीं रुकता हूं।’
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। आरोप है कि सम्मेलन के दौरान ही बीजेपी पार्षद विनय मिश्रा ने रोहित तिवारी के साथ मारपीट की।
बीजेपी पार्षद विनय मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज
पीड़ित रोहित तिवारी उर्फ काका ने सोमवार शाम दारागंज थाने में बीजेपी पार्षद विनय मिश्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि, मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
आरोपी पार्षद ने दी सफाई, बताया क्यों हुआ विवाद
वहीं, मारपीट के आरोपों से घिरे पार्षद विनय कुमार मिश्रा ने भी पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को प्रयागराज के परेड ग्राउंड में सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि थे।
विनय मिश्रा के मुताबिक, भारतीय संस्कृति में ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा है और किसी कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथि का सम्मान बनाए रखना आयोजकों की जिम्मेदारी होती है।
उन्होंने दावा किया कि जब डिप्टी सीएम भाषण दे रहे थे और समुदाय से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने वाले थे, तभी रोहित तिवारी एक कैमरामैन के साथ मंच के सामने पहुंच गए और UGC के मुद्दे पर बोलने की मांग करने लगे। मिश्रा ने कहा कि रोहित पहले ही मंच से अपनी बात रख चुके थे।
पार्षद के अनुसार, केशव प्रसाद मौर्य ने अपना भाषण पूरा करने के बाद ज्ञापन भी स्वीकार किया और भरोसा दिलाया कि वह इस मामले को राज्य और केंद्र सरकार के सामने उठाएंगे। हालांकि, रोहित तिवारी के साथ कथित मारपीट के आरोपों को लेकर विवाद बना हुआ है।



