
Delhi Air Pollution: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। मंगलवार सुबह दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 332 दर्ज किया गया। वहीं, कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी तक पहुंच गया है। जहांगीरपुरी में AQI 452 दर्ज किया गया, जबकि रोहिणी, वजीरपुर और बवाना जैसे इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद चिंताजनक रही। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में बढ़ते प्रदूषण ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
दिल्ली में कहां सबसे ज्यादा प्रदूषण? जहांगीरपुरी में AQI 452
CPCB के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। जहांगीरपुरी में सबसे अधिक AQI 452 दर्ज किया गया। इसके अलावा रोहिणी में 429, वजीरपुर में 424 और बवाना में 408 का AQI रिकॉर्ड किया गया।
इन सभी इलाकों में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रही। वहीं, राजधानी के अन्य हिस्सों में भी प्रदूषण का स्तर बेहद खराब बना हुआ है।
CPCB के मुताबिक, मंगलवार सुबह 9 बजे तक दिल्ली के 57 निगरानी केंद्रों में से आठ केंद्रों पर AQI गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। वहीं, 32 केंद्रों पर हवा बेहद खराब रही। इसके अलावा 15 केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर खराब और दो केंद्रों पर मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया।
आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली के अधिकांश इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है और कई जगह स्थिति गंभीर स्तर तक पहुंच चुकी है।
कितना खतरनाक है 332 AQI? जानिए प्रदूषण की सभी श्रेणियां
दिल्ली का औसत AQI 332 दर्ज होने का मतलब है कि राजधानी की हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है। ऐसे स्तर पर लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से लोगों को सांस संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
CPCB ने एयर क्वालिटी इंडेक्स को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है।
- 0 से 50 AQI: अच्छी हवा
- 51 से 100 AQI: संतोषजनक
- 101 से 200 AQI: मध्यम
- 201 से 300 AQI: खराब
- 301 से 400 AQI: बेहद खराब
- 401 से 500 AQI: गंभीर
इस पैमाने के मुताबिक, दिल्ली का औसत AQI 332 बेहद खराब श्रेणी में है, जबकि जहांगीरपुरी का 452 AQI गंभीर श्रेणी में आता है।
दिल्ली की हवा बिगड़ने से बढ़ी लोगों की चिंता
राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ने का असर आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है। खराब हवा में लंबे समय तक रहने से आंखों में जलन, गले में परेशानी, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण का स्तर बेहद खराब या गंभीर श्रेणी में पहुंचने पर बाहर की गतिविधियों को सीमित रखना और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतना जरूरी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
दिल्ली में प्रदूषण का बढ़ता स्तर एक बार फिर वायु गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा या प्रदूषण का स्तर और बढ़ेगा, यह मौसम की परिस्थितियों और प्रदूषण के स्रोतों पर निर्भर करेगा।



