दिवाली से पहले सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव, आज का ताजा रेट जानें

दिवाली और धनतेरस से पहले सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से मिला-जुला संकेत आया है। अक्टूबर में बड़ी गिरावट के बाद सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। मंगलवार, 3 नवंबर को दिल्ली में 24 कैरेट सोना 500 रुपये महंगा होकर 1,39,520 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमत में भी 460 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरफ चांदी की कीमत में मामूली गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में अगर आप त्योहारों पर गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आज के ताजा भाव जान लेना जरूरी है।

आज कितना महंगा हुआ सोना?

दिल्ली के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव 500 रुपये बढ़कर 1,39,520 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे पहले सोमवार को 24 कैरेट सोना 1,39,020 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह 22 कैरेट सोने की कीमत में भी 460 रुपये का इजाफा हुआ है। अब इसका भाव बढ़कर 1,27,900 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है।

बता दें कि 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जबकि 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल मुख्य रूप से जूलरी बनाने में किया जाता है। गहने खरीदते समय सोने की शुद्धता और हॉलमार्क जरूर जांचना चाहिए।

आज चांदी खरीदने के लिए कितने रुपये खर्च करने होंगे?

सोने की कीमतों में जहां तेजी आई है, वहीं चांदी के खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है। मंगलवार को चांदी का भाव 100 रुपये गिरकर 1,99,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। सोमवार को एक किलो चांदी की कीमत 2 लाख रुपये थी।

चांदी के ताजा भाव इस प्रकार हैं:

चांदी का वजन आज का भाव
1 ग्राम 199.90 रुपये
10 ग्राम 1,999 रुपये
100 ग्राम 19,990 रुपये
1 किलोग्राम 1,99,900 रुपये

अक्टूबर में सोने-चांदी की कीमतों में कितनी आई थी गिरावट?

अक्टूबर का महीना सोने और चांदी के बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। महीने के आखिरी दिनों में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।

आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोना 30 अक्टूबर को 1,44,090 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। इसके बाद लगातार गिरावट आई और 2 नवंबर को इसकी कीमत घटकर 1,39,020 रुपये रह गई। हालांकि, 3 नवंबर को इसमें 500 रुपये की तेजी देखने को मिली।

चांदी की बात करें तो 28 अक्टूबर को दिल्ली में इसका भाव करीब 2.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम था। लगातार गिरावट के बाद 2 नवंबर को यह 2 लाख रुपये पर आ गई। मंगलवार को भी इसमें 100 रुपये की मामूली कमी दर्ज की गई।

यानी अक्टूबर के आखिरी दिनों में आई बड़ी गिरावट के बाद सोने में हल्की रिकवरी दिखाई दे रही है, जबकि चांदी अभी भी दबाव में है।

सोने-चांदी की कीमतों में क्यों होता है उतार-चढ़ाव?

सोने और चांदी की कीमतें केवल घरेलू मांग और खरीदारी पर निर्भर नहीं करतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलावों का भी भारतीय बाजार पर सीधा असर पड़ता है।

इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं:

1. अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतें: वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी या गिरावट का असर भारत के भाव पर भी पड़ता है।

2. डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति: भारत अपनी सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में अगर डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है तो सोने का आयात महंगा हो सकता है।

3. कच्चे तेल की कीमतें: कच्चे तेल के भाव में तेजी से महंगाई और आयात लागत पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर मुद्रा और कीमती धातुओं के बाजार पर भी पड़ सकता है।

4. निवेशकों की खरीदारी और बिकवाली: जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखते हैं। वहीं, ब्याज दरें बढ़ने की आशंका से सोने पर दबाव आ सकता है।

5. त्योहारों में बढ़ती मांग: दिवाली और धनतेरस जैसे त्योहारों पर भारत में सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ जाती है। इस दौरान जूलरी और कीमती धातुओं की मांग बाजार को प्रभावित कर सकती है।

दिवाली से पहले सोना खरीदें या अभी इंतजार करें?

दिवाली और धनतेरस के मौके पर सोना खरीदना भारतीय परिवारों की परंपरा का हिस्सा है। हालांकि, इस बार अक्टूबर में कीमतों में बड़ी गिरावट और नवंबर की शुरुआत में आई तेजी ने खरीदारों के सामने असमंजस पैदा कर दिया है।

मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि सोने में गिरावट के बाद कुछ रिकवरी हुई है, लेकिन चांदी की कीमतों में अभी भी नरमी बनी हुई है। ऐसे में खरीदारी का फैसला अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से करना बेहतर होगा।

अगर आप जूलरी खरीद रहे हैं तो केवल सोने के भाव पर ध्यान न दें। गहने की शुद्धता, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और GST भी जरूर जांचें। ध्यान रखें कि यहां दिए गए भाव दिल्ली के हैं। अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स, बाजार की स्थिति और अन्य लागतों के कारण कीमतों में अंतर हो सकता है।

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