फाजिलनगर (कुशीनगर) क्षेत्र में पगरा बसंतपुर सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-28 से जुड़ने वाली बगहीं कुट्टी से ग्राम पगरा पड़ती होते हुए पगरा बसंतपुर चौराहे तक बनी यह सड़क अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी पगरा बसंतपुर सड़क महज दो वर्षों के भीतर ही उखड़ गई और जगह-जगह बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा वर्ष 2018-19 में इस सड़क का निर्माण कराया गया था। हालांकि निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क की परत उखड़ने लगी। धीरे-धीरे स्थिति इतनी खराब हो गई कि अब इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि खराब हो चुकी पगरा बसंतपुर सड़क के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। रोजाना इस रास्ते से स्कूल जाने वाले कई बच्चे गड्ढों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। कई बार ऐसा भी हुआ कि बच्चे स्कूल पहुंचने के बजाय इलाज के लिए अस्पताल पहुंच गए। वहीं बुजुर्गों और महिलाओं के लिए भी इस रास्ते से गुजरना बेहद कठिन हो गया है।
इसके अलावा बरसात के दिनों में समस्या और भी गंभीर हो जाती है। सड़क पर पानी भर जाने और कीचड़ फैल जाने से आवागमन लगभग ठप हो जाता है। कई बार ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए लंबा चक्कर लगाकर दूसरे रास्तों से जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो भविष्य में हालात और भी खराब हो सकते हैं।
इसी समस्या को लेकर नाराज ग्रामीणों ने सामाजिक कार्यकर्ता नंदलाल विद्रोही के नेतृत्व में पगरा बसंतपुर चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क के तत्काल पुनर्निर्माण की मांग उठाई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे बड़े जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
धरना स्थल पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए नंदलाल विद्रोही ने कहा कि मुख्यमंत्री की स्पष्ट घोषणा है कि भ्रष्टाचार करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति कुछ और ही दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि करोड़ों की लागत से बनी पगरा बसंतपुर सड़क का दो वर्ष में ही टूट जाना निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही बड़े स्तर पर आंदोलन भी किया जाएगा ताकि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके।
धरना-प्रदर्शन में पूर्व प्रधान सुदामा गुप्ता, अनिरुद्ध सिंह, राकेश सिंह, रविंद्र सिंह, रघुवीर ठाकुर, इंद्रदेव, सकलदेव, धर्मेंद्र सिंह, प्रेम सिंह, शंभू सिंह, अमरजीत प्रसाद, हेमंत जी, संतोष सिंह, सोनू कुशवाह, मैनुद्दीन, अंजू देवी, मंजू देवी, लालमति देवी, गीता देवी, रोशनी देवी और माया देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सड़क के जल्द निर्माण की मांग की।
अंत में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि इस मामले की जांच कराई जाए और खराब निर्माण के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो सके।



