पेट्रोल 335 रुपये लीटर? नोएडा में पंपों पर लगी लंबी कतारें

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच तेल की वैश्विक कीमतों में तेजी का असर अब आम लोगों की चिंता बढ़ाने लगा है। इसी बीच पाकिस्तान में पेट्रोल कीमत बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमत 335 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इस खबर के बाद उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई पेट्रोल पंपों पर शनिवार को अचानक भीड़ देखने को मिली।

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान में तेल की कीमतों में करीब 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद वहां पेट्रोल की कीमत 335 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इस खबर के बाद भारत में भी पेट्रोल कीमत बढ़ोतरी की आशंका जताई जाने लगी है। इसी आशंका के चलते नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें लग गईं।

शनिवार शाम को शहर के कई पेट्रोल पंपों पर कार और बाइक चालकों की भीड़ देखी गई। ज्यादातर लोग अपनी गाड़ियों की टंकी फुल करवाते नजर आए। लोगों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में पेट्रोल कीमत बढ़ोतरी होती है तो उन्हें ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। इसलिए उन्होंने पहले ही टैंक भरवा लेना उचित समझा।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की समृद्धि ग्रैंड एवेन्यू सोसाइटी में रहने वाले संजीव ने बताया कि एक मूर्ति गोल चक्कर के पास स्थित पेट्रोल पंप पर शनिवार शाम को काफी भीड़ थी। वहां बाइक और कारों की लंबी लाइनें लगी हुई थीं। कई लोग अपनी बारी के इंतजार में खड़े थे और गाड़ियों की टंकी पूरी तरह भरवा रहे थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव और युद्ध का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। ईरान पर हुए हमलों के कारण तेल आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। माना जाता है कि ईरान से दुनिया भर में लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति होती है। ऐसे में यदि आपूर्ति बाधित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पहले ही 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। यदि युद्ध लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर भारत समेत कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि लोग संभावित पेट्रोल कीमत बढ़ोतरी को लेकर अभी से सतर्क दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पेट्रोल कीमत बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। प्रशासन लगातार पेट्रोलियम कंपनियों के संपर्क में है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक अभी केवल आशंका जताई जा रही है। कंपनियों की ओर से कीमत बढ़ाने के संबंध में कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। फिर भी वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन सतर्कता बरत रहा है और आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

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