प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाजपेई के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से हुई महत्वपूर्ण मुलाकात|

लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाजपेई के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज माननीय उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री बृजेश पाठक से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान कर्मचारियों के समक्ष आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों, लंबे समय से लंबित मांगों तथा आउटसोर्सिंग व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाजपेई ने उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश के कई जनपदों में आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। कई स्थानों पर महीनों से वेतन लंबित होने के कारण कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही अनेक आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा शासन के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से कार्य किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि कुछ जिलों में ठेकेदारों एवं संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के कारण कर्मचारियों के शोषण की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। शासन द्वारा निर्धारित नियमों के बावजूद अनेक कर्मचारियों को समय पर वेतन, ईपीएफ, ईएसआई तथा अन्य वैधानिक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

दीपक बाजपेई ने उपमुख्यमंत्री से संशोधित न्यूनतम वेतन को प्रभावी रूप से लागू कराने, श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा को मजबूत बनाने तथा उनके सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाई जाए तथा अनियमितताओं में संलिप्त एजेंसियों एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे कर्मचारियों को निष्पक्ष, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण प्राप्त हो सके।

माननीय उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री बृजेश पाठक ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक स्तर पर विषयों की समीक्षा कर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल की जाएगी तथा शासन की मंशा के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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