
वाराणसी । पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देशभर में सक्रिय साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी में सहयोग करता था।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन तथा पुलिस उपायुक्त (अपराध) नीतू कादयान, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) नृपेन्द्र एवं सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) विनय द्विवेदी के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को दबोचा।
भारी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 आईफोन, 43 एटीएम कार्ड, 10 पासबुक, 8 चेकबुक, 11 क्यूआर कोड, 12 सिम कार्ड, एक लैपटॉप, एक डायरी, 12,060 रुपये नकद तथा महिंद्रा थार और हुंडई आई-20 कार बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार इन वाहनों का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जा रहा था।
ऐसे करते थे साइबर ठगी
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग की पूरी जानकारी अपने कब्जे में लेकर खातों का संचालन स्वयं करते थे। इन खातों को देश और विदेश में सक्रिय साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया जाता था।
विदेशी साइबर अपराधियों से प्राप्त ट्रांजेक्शन एपीके फाइल संबंधित मोबाइल में इंस्टॉल कर दूरस्थ (रिमोट) एक्सेस के माध्यम से साइबर ठगी की रकम इन खातों में मंगाई जाती थी। बाद में धनराशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर ठगी की जाती थी।
8 से 15 प्रतिशत तक मिलता था कमीशन
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि साइबर ठगी से प्राप्त रकम पर उन्हें 8 से 15 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था। इसी अवैध कमाई से महिंद्रा थार और हुंडई आई-20 कार खरीदी गई थी तथा उनकी ईएमआई भी इसी धन से चुकाई जा रही थी।
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों से बैंक लेन-देन, संदिग्ध चैट, टेलीग्राम कम्युनिकेशन सहित कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में आदर्श चौबे, आशीष यादव, सुजल सिंह, पियूष सिंह तथा युवराज वर्मा शामिल हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 61(2), 112 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C और 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही इनके अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की अपील
साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड अथवा इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी न दें। किसी अज्ञात एपीके फाइल को मोबाइल में इंस्टॉल न करें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
यदि चाहें तो मैं इसे टीवी न्यूज़ स्क्रिप्ट या वेब पोर्टल/डिजिटल न्यूज़ के प्रारूप में भी तैयार कर सकता हूँ।



