समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एफसीआरए और परिसीमन बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी दोनों विधेयकों का विरोध कर रही है। अखिलेश यादव का आरोप है कि सरकार संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से एफसीआरए बिल ला रही है और इसके जरिए ऐसी संस्थाओं को डराया जाएगा, जिन्हें अच्छे कार्यों के लिए विदेश से आर्थिक सहायता मिलती है।
सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार एफसीआरए के माध्यम से संस्थाओं पर कब्जे की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल अल्पसंख्यकों को परेशान करने के लिए किया जा सकता है। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश में भी कई संस्थाएं संचालित हो रही हैं और एक बड़े शहर में भाजपा के एक मंत्री द्वारा ऐसी संस्था पर कब्जा किए जाने का आरोप है।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमीनों पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर ऐसी गतिविधियां हो रही हैं। उनके मुताबिक जहां खाली जमीन या तालाब दिखाई देता है, वहां कब्जे किए जा रहे हैं। उन्होंने अयोध्या का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वहां आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया और जमीनों के दाम महज 15-15 मिनट में कई गुना बढ़ाकर बेचे गए।
विदेश जाने वाले धन के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को उसके पुराने चुनावी वादे याद दिलाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश से बाहर गया काला धन वापस लाने और लोगों को पैसा लेकर विदेश भागने से रोकने की बात कही थी। उनके मुताबिक कई लोग बैंकों का पैसा लेकर देश से बाहर चले गए, लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ क्या कदम उठाया, यह बताया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार विदेश से भारत आने वाले धन पर पाबंदियां लगाने की बात कर रही है, लेकिन भारत का पैसा बाहर जाने से रोकने के लिए क्या व्यवस्था की गई है, इस पर जवाब नहीं दिया जा रहा। अखिलेश ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद पैसे वालों के अच्छे दिन आए हैं। उन्होंने सवाल किया कि सरकार कानूनी और गैरकानूनी दोनों तरीकों से देश से बाहर जाने वाले धन पर रोक कब लगाएगी।
विपक्ष की भूमिका को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनकर संसद में भेजती है और लोकतंत्र में विपक्ष का दायित्व सरकार से सवाल पूछना है। आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार सवालों का जवाब देने से बच रही है।



