नाली निर्माण में एक लाख रुपये के भुगतान का आरोप, प्रधान-सचिव की भूमिका पर उठे सवाल

पंचायत सचिव के पंचायत में न आने और फोन नहीं उठाने की शिकायत, ग्रामीणों ने मिलीभगत की जांच की मांग की

इटावा। ग्राम पंचायत विजयपुरा के मजरा नगला कांंस में नाली निर्माण के नाम पर एक लाख रुपये की धनराशि निकाले जाने और मौके पर निर्माण कार्य न होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम प्रधान के साथ पंचायत सचिव वसुंधरा की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि नगला कांंस में मंदिर से स्कूल तक नाली निर्माण के लिए 9 दिसंबर 2025 को ग्राम पंचायत के खाते से एक लाख रुपये निकाले गए, लेकिन आज तक मौके पर नाली का निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने धनराशि के उपयोग और भुगतान प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत सचिव वसुंधरा भी पंचायत में नियमित रूप से नहीं आती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, विकास कार्यों और शिकायतों को लेकर सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन कई बार उनका फोन भी नहीं उठता। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में प्रधान और सचिव की कथित मिलीभगत से विकास कार्यों में अनियमितताएं की जा रही हैं। उनका यह भी दावा है कि पंचायत सचिव की भूमिका को लेकर पूर्व में भी कई शिकायतें और कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं। ग्रामीणों ने इन सभी मामलों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 7 अगस्त 2026 की रात करीब नौ बजे मंदिर से स्कूल जाने वाली इंटरलॉकिंग और सीसी सड़क को जेसीबी से खुदवाकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क क्षतिग्रस्त होने से मंदिर और स्कूल आने-जाने वाले लोगों तथा बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की मौके पर जांच कराकर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की भूमिका की जांच की जाए। साथ ही नाली निर्माण के नाम पर निकाली गई एक लाख रुपये की धनराशि, कार्य की एमबी, भुगतान और संबंधित अभिलेखों की जांच कर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त सड़क और नाली का तत्काल निर्माण कराने की भी मांग की है।

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