नारायणी किनारे प्रशासन रहा मुस्तैद

संभावित बाढ़ अलर्ट पर एसडीएम ने किया निरीक्षण, ग्रामीणों को दिया भरोसा

सेवरही, कुशीनगर | नेपाल की त्रिशूली नदी में हुए भूस्खलन के बाद नारायणी (बड़ी गंडक) नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि की आशंका को देखते हुए तमकुहीराज के उपजिलाधिकारी कुणाल गौरव पूरी तरह सक्रिय नजर आए। संभावित बाढ़ अलर्ट के मद्देनजर एसडीएम ने नारायणी नदी के तटवर्ती क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएं और बाढ़ को लेकर उनकी भावनाएं सुनीं तथा हर संभव प्रशासनिक सहायता का भरोसा दिलाया।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने बाढ़ खंड एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बंधों की वर्तमान स्थिति, नदी के जलस्तर और बाढ़ से निपटने की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही तटबंधों की लगातार निगरानी और आवश्यक संसाधनों को तैयार रखने पर विशेष जोर दिया।

एसडीएम कुणाल गौरव ने कहा कि नेपाल में हुई प्राकृतिक घटना के कारण नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, यह केवल एक अनुमानित स्थिति है और फिलहाल घबराने जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन समय रहते सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रशासन पहले से ही सभी आवश्यक तैयारियों में जुटा हुआ है।

उन्होंने बताया कि पुलिस, सिंचाई, राजस्व, स्वास्थ्य समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। गांवों में लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है तथा नदी किनारे बसे ग्रामीणों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की जा रही है।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और बाढ़ जैसी किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का पहला लक्ष्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और हर परिस्थिति में ग्रामीणों के साथ खड़ा रहेगा।

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