कुशीनगर। पड़ोसी देश नेपाल के चीन-तिब्बत सीमा से लगे रसुवा जिले में भारी वर्षा होने के कारण ग्लेशियर जनित झील के फटने ( ग्लेशियल लेक आउटब्रस्ट ) की वजह से नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना पैदा हो गयी है । ज्ञात हुआ है कि भारत – नेपाल सीमा पर बाल्मीकिनगर में इस नदी पर बने बैराज से ढाई लाख से लेकर तीन लाख क्यूसेक तक पानी का डिस्चार्ज ( प्रवाहित ) होने की संभावना है। इससे नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की आशंका के मद्देनजर यहां के जिला प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं । बड़ी गंडक नदी की बाढ़ से पिछले वर्षों के दौरान प्रभावित होते रहे इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है । जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के साथ आज नारायणी नदी के तटवर्ती एवं संवेदनशील शिवपुर क्षेत्र का निरीक्षण करने के साथ ही भारत – नेपाल सीमा स्थित बाल्मीकि नगर बैराज का भी दौरा किया । इस दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्र में नदी के जलस्तर एवं संभावित प्रभाव वाले स्थानों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। मौके पर राज्य आपदा प्रबंधन फोर्स की एक टीम भी तैनात कर दी गयी है ।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिवपुर सहित आसपास के ग्रावों – सालिकपुर , त्रिलोकपुर , मारिचाहवा आदि के ग्रामीणों से संवाद किया तथा उन्हें संभावित जलस्तर वृद्धि के बावत जागरूक किया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी की जाने वाली सूचनाओं एवं चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें तथा नदी के समीप अनावश्यक रूप से न जाएं। साथ ही पशुओं को भी नदी एवं निचले क्षेत्रों की बजाय सुरक्षित स्थानों पर रखने की अपील की ।
संभावित आपात स्थिति को देखते हुए मौके पर एसडीआरएफ की टीम की तैनाती कर दी गई है। एसडीआरएफ की टीम को आवश्यक राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ अलर्ट मोड में रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा सके। जिलाधिकारी ने संबंधित क्षेत्र के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील एवं तटवर्ती क्षेत्रों में अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर रहकर लगातार निगरानी करें। नदी के जलस्तर में होने वाले परिवर्तन की नियमित जानकारी प्राप्त कर तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए। उन्होंने संभावित परिस्थितियों को देखते हुए राहत एवं बचाव से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाओं को सक्रिय रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिया । उन्होंने ग्राम स्तर पर भी कर्मचारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक किए जाने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने के निर्देश दिया है ।
उक्त इलाके का दौरा कर जिला मुख्यालय लौटने के बाद जिलाधिकारी ने कहा है कि प्रशासन पूरी स्थिति पर सतत निगरानी रखे हुए है और संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था कर ली गयी है और राहत एवं बचाव टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है।



