बरेली। मूसलाधार बारिश के बाद हुए जलभराव से हाहाकार ने नगर निगम के विकास कार्यों और जल निकासी के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। बारिश के चलते शहर के पॉश इलाकों से लेकर पुराने मोहल्लों तक की सड़कें दरिया बन गईं। कोतवाली और बारादरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड 64 और वार्ड 57 में हालात इतने बदतर हो गए कि मुख्य गलियों में कई-कई फीट तक पानी भर गया। घरों और दुकानों के अंदर नाले का गंदा पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जलभराव की गंभीर समस्या और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करने के लिए निर्दलीय पार्षद जय प्रकाश राजपूत ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए प्लास्टिक की बनी कामचलाऊ नाव लेकर जलमग्न गलियों में उतरे और खुद चप्पू चलाते हुए उनके साथ नाव में सवार स्थानीय युवकों के हाथों में पोस्टर थे, जिन पर प्रशासन से तीखे सवाल पूछे गए थे।
पोस्टरों पर लिखा था- “करोड़ों का बजट, फिर भी जलनिकासी की समस्या बरकरार, क्या इसकी समीक्षा होगी?” और “सड़कें बनीं तालाब, घरों में घुसा पानी, बरेली जवाब मांग रही है।पार्षद जय प्रकाश राजपूत ने मौके से वीडियो जारी करते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर केवल कागजों में काम दिखाया जा रहा है, जबकि धरातल पर ऐतिहासिक नालों पर अतिक्रमण और घटिया जलनिकासी व्यवस्था के कारण जनता हर बारिश में नरकीय जीवन जीने को मजबूर है।
मंदिर परिसर के इर्द-गिर्द भी भारी पानी भर गया, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही ठप हो गई। अग्रवाल धर्मशाला वाली गली समेत आसपास की रिहायशी बस्तियों में घरों के भीतर पानी जमा होने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा।



