
Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी न्यूज़ आउटलेट फॉक्स न्यूज और द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने होर्मुज़ स्ट्रेट में स्थित ईरान के क़ेशम द्वीप को निशाना बनाया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से अमेरिकी विमान को निशाना बनाकर मिसाइल दागे जाने के बाद की गई। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई को लेकर कहा है कि उन्हें कोई जल्दबाजी नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका किसी न किसी तरह कार्रवाई जरूर करेगा।
क़ेशम द्वीप पर अमेरिका ने क्यों किया हमला?
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार रात ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने क़ेशम द्वीप से होर्मुज़ स्ट्रेट में मौजूद एक अमेरिकी विमान को निशाना बनाते हुए मिसाइल दागी थी।
एक्सियोस के रिपोर्टर बराक राविद के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने इस घटना की जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, ईरान की ओर से मिसाइल दागे जाने के बाद अमेरिकी लड़ाकू विमान ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
इस दौरान अमेरिकी विमान ने ईरान के सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली के एक लॉन्चर को नष्ट कर दिया। फॉक्स न्यूज और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में भी क़ेशम द्वीप पर अमेरिकी हमले की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, इस सैन्य कार्रवाई से जुड़े सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
ट्रंप बोले- ईरान पर कार्रवाई की कोई जल्दबाजी नहीं
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका को आगे की कार्रवाई करने की कोई जल्दबाजी नहीं है।
समाचार एजेंसी एक्सियोस से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “हम किसी न किसी तरह कार्रवाई करेंगे, लेकिन इसमें कोई जल्दबाजी नहीं है। हमने उन्हें आर्थिक रूप से पूरी तरह कमजोर कर दिया है।”
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के पास अब न पैसा बचा है और न ही पेट्रोल। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लोग मौजूदा हालात से परेशान हो चुके हैं।
उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखने के साथ आगे की रणनीति पर विचार कर रहा है।
मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर फिर हमला करेगा अमेरिका?
वॉशिंगटन डीसी में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका मिडटर्म इलेक्शन के बाद ईरान पर दोबारा हमले शुरू करेगा?
इस सवाल पर ट्रंप ने सीधे तौर पर ‘नहीं’ में जवाब दिया।
उनके इस जवाब के बाद अमेरिका की आगे की सैन्य रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक तरफ ट्रंप कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने चुनाव के बाद हमले शुरू करने की बात को भी खारिज किया है।
क्यों अहम है ईरान का क़ेशम द्वीप और होर्मुज़ स्ट्रेट?
क़ेशम द्वीप ईरान के दक्षिणी हिस्से में फारस की खाड़ी और होर्मुज़ स्ट्रेट के पास स्थित है। इसकी रणनीतिक स्थिति इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।
होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से होकर गुजरती है।
ऐसे में इस क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रह सकता। इससे अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल क़ेशम द्वीप पर अमेरिकी कार्रवाई की खबरों और ट्रंप के बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।



