
लद्दाख प्रशासन ने शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले सोनम वांगचुक को बड़ा झटका दिया है। प्रशासन ने वांगचुक की ओर से स्थापित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) के डेजर्ट फ्लावर स्कूल को अगले आदेश तक अपनी गतिविधियां बंद रखने का निर्देश दिया है। यह आदेश हाईकोर्ट में चल रहे मामले का फैसला आने तक प्रभावी रहेगा।
इस फैसले के बाद लद्दाख में प्रशासन और सोनम वांगचुक के बीच विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इससे पहले वांगचुक ने उपराज्यपाल प्रशासन की शराब नीति को लेकर सवाल उठाए थे और नागरिक समाज के विरोध के बाद नीति वापस लेने का दावा किया था।
शराब नीति पर सोनम वांगचुक का प्रशासन पर पलटवार
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि प्रशासन ने नागरिक समाज के लगातार विरोध और महिलाओं के समूह के एक सप्ताह तक चले धरने के बाद अपनी विवादित शराब नीति वापस ले ली है।
वांगचुक के मुताबिक, प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उन पर झूठ और अफवाह फैलाने का आरोप लगाया है। इस पर उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उनकी बातें महज अफवाह थीं, तो सैकड़ों माताओं ने अपने बच्चों और घरों को छोड़कर शून्य से नीचे तापमान में छह रातें धरने पर क्यों बिताईं?
शराब की दुकान और बार की संख्या पर उठाए सवाल
वांगचुक ने प्रशासन के उस दावे पर भी सवाल खड़े किए, जिसमें लद्दाख में अब केवल एक शराब की दुकान होने की बात कही गई है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने शराब की दुकानों को बंद करने के बाद बार खोलने की अनुमति दी और इनकी संख्या बढ़कर 50 तक पहुंच गई। वांगचुक के मुताबिक, यह संख्या लद्दाख के इतिहास में सबसे ज्यादा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अपनी छवि बचाने के लिए प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रहा है और इस मामले में उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
मीडिया से भी वांगचुक ने पूछे सवाल
सोनम वांगचुक ने कहा कि अब यह देखना होगा कि कितने समाचार पत्र और समाचार चैनल प्रशासन के बयान के साथ उनका जवाब भी दिखाते हैं। उन्होंने शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही लद्दाख की महिलाओं के वीडियो को भी सामने रखने की बात कही।
फिलहाल डेजर्ट फ्लावर स्कूल को बंद रखने के प्रशासन के आदेश और शराब नीति को लेकर वांगचुक के आरोपों के बीच लद्दाख में यह विवाद फिर सुर्खियों में है।



