
धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगी है और मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। इस दौरान सर्दी-जुकाम, खांसी और गले में खराश जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को इस मौसम में खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
हालांकि, ठंड का मौसम सीधे तौर पर वायरल संक्रमण की वजह नहीं बनता। तापमान में उतार-चढ़ाव, बंद कमरों में अधिक समय बिताना और हवा का सही तरीके से संचार न होना वायरस के फैलने की आशंका बढ़ा सकता है। इसके अलावा, हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें भी सर्दियों में सेहत पर भारी पड़ सकती हैं।
सर्दियों में बीमारी की वजह बन सकती हैं ये 7 गलतियां
मेडफर्स्ट ईएनटी सेंटर के सलाहकार डॉ. (मेजर) राजेश भारद्वाज ने न्यूज9 डिजिटल से बातचीत में बताया कि मौसम बदलने के दौरान कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर श्वसन संबंधी संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं सर्दियों में किन गलतियों से बचना चाहिए।
1. मौसम के हिसाब से कपड़े न पहनना
सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा महसूस होती है। ऐसे में पर्याप्त गर्म कपड़े न पहनना परेशानी बढ़ा सकता है। बाहर निकलते समय मौसम के अनुसार कपड़ों की कई परतें पहनना बेहतर रहता है।
2. कम पानी पीना
सर्दियों में प्यास कम लगती है, इसलिए कई लोग पानी पीना भी कम कर देते हैं। लेकिन शरीर को इस मौसम में भी पर्याप्त तरल पदार्थों की जरूरत होती है। पानी की कमी से नाक और गले की श्लेष्मा झिल्ली सूख सकती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त पानी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहें।
3. हाथों की सफाई को नजरअंदाज करना
भीड़भाड़ वाली जगहों से लौटने के बाद हाथ धोना बेहद जरूरी है। हाथों को साबुन से अच्छी तरह साफ करें और बिना हाथ धोए आंख, नाक या मुंह छूने से बचें। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।
4. कमरों में ताजी हवा न आने देना
ठंड से बचने के लिए लोग अक्सर घर की खिड़कियां और दरवाजे लंबे समय तक बंद रखते हैं। इससे कमरों में हवा का संचार प्रभावित हो सकता है। इसलिए मौसम अनुकूल होने पर कुछ समय के लिए खिड़कियां खोलें और घर में ताजी हवा आने दें।
5. बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना
छींक, खांसी, गले में खराश और बुखार जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर परेशानी बढ़ रही है या लंबे समय तक बनी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
6. नींद और खानपान पर ध्यान न देना
पर्याप्त नींद न लेना और संतुलित आहार की कमी शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सकती है। सर्दियों में फल, सब्जियां और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लें। साथ ही पर्याप्त आराम करना भी जरूरी है।
7. डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेना
सर्दी-जुकाम या खांसी होने पर खुद से एंटीबायोटिक्स लेना सही नहीं है। आम सर्दी-जुकाम ज्यादातर वायरस के कारण होता है और एंटीबायोटिक्स वायरस पर असर नहीं करतीं। किसी भी दवा का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करें।
इन लोगों को सर्दियों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
अस्थमा, सीओपीडी, हृदय रोग और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह के अनुसार जरूरी टीकाकरण करवाना भी संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
अगर सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार या लक्षणों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। सर्दियों में स्वस्थ रहने के लिए गर्म कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने, हाथों की सफाई रखने और अच्छी नींद लेने जैसी छोटी आदतों पर ध्यान देना जरूरी है।



